अमित शाह ने भोपाल में BNS और न्याय व्यवस्था, दूध उत्पादन, गोवंश संवर्धन और नशामुक्त मध्य प्रदेश को लेकर कई अहम बातें कहीं।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में पशुपालन, डेयरी विकास और नए आपराधिक कानूनों को लेकर कई बातें कहीं। भेल दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे। इसी दौरान उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले दूध प्रसंस्करण संयंत्र की आधारशिला भी रखी गई।
नए आपराधिक कानूनों पर अमित शाह ने क्या कहा?
अमित शाह ने नए आपराधिक कानूनों का जिक्र करते हुए कहा कि देश की न्याय व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। उन्होंने पुरानी व्यवस्था को ‘तारीख पर तारीख’ से जोड़ते हुए दावा किया कि नए कानूनों के पूरी तरह लागू होने के बाद FIR दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मामले के निपटारे के लिए तीन साल की समयसीमा का लक्ष्य रखा गया है।
भारत में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) 1 जुलाई 2024 से लागू हैं। भोपाल में आयोजित प्रदर्शनी में नए कानूनों के तहत अपराध की रिपोर्टिंग से लेकर जांच, साक्ष्य, अभियोजन और अदालत में न्याय प्रक्रिया को भी प्रदर्शित किया गया।
दूध उत्पादन पर कांग्रेस को लेकर साधा निशाना
गौपालक सम्मेलन में अमित शाह ने दूध उत्पादन के आंकड़ों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि आजादी के बाद लंबे समय तक देश में दूध उत्पादन करीब 14.07 करोड़ टन तक पहुंचा था, जबकि उनके अनुसार मोदी सरकार के 10 वर्षों में यह आंकड़ा बढ़कर करीब 25 करोड़ टन हो गया।
यह आंकड़े अमित शाह के कार्यक्रम में दिए गए राजनीतिक दावे के रूप में सामने आए हैं। सम्मेलन में डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने और पशुपालकों की आय से जुड़े सहकारी ढांचे पर भी जोर दिया गया।
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50 एकड़ जमीन पर गोवंश संवर्धन की योजना
अमित शाह ने मध्य प्रदेश में गोवंश संवर्धन और नस्ल सुधार से जुड़ी गतिविधियों के लिए 50 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की बात भी कही। प्रस्तावित व्यवस्था में पशुधन की उत्पादकता बढ़ाने और बेहतर नस्ल विकास से जुड़ी तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया जाना है।
उज्जैन में 255 करोड़ रुपये का डेयरी प्लांट
कार्यक्रम के दौरान उज्जैन में 3 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले दूध प्रसंस्करण संयंत्र का डिजिटल भूमि-पूजन किया गया। इस परियोजना की लागत 255 करोड़ रुपये बताई गई है।
इसके अलावा भोपाल में 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट और 12.42 करोड़ रुपये की लागत वाली राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का उद्घाटन किया गया। शिवपुरी के मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य को भी कार्यक्रम से जोड़ा गया।
कार्यक्रम में दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों को 15.10 करोड़ रुपये के लाभांश वितरण और गौशालाओं के लिए वित्तीय सहायता जैसी गतिविधियां भी शामिल रहीं।
मध्य प्रदेश को नशामुक्त बनाने की बात
अमित शाह ने मध्य प्रदेश में नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य को नारकोटिक्स से मुक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है और 2029 के बाद राज्य में युवाओं के लिए नशे की उपलब्धता खत्म करने का लक्ष्य है। यह उनके भाषण में व्यक्त किया गया राजनीतिक वादा/दावा है।
गौपालकों और डेयरी क्षेत्र पर रहा फोकस
भोपाल के गौपालक सम्मेलन में हजारों गौपालकों और डेयरी सहकारी समितियों से जुड़े लोगों की भागीदारी रही। कार्यक्रम का प्रमुख फोकस पशुपालन, दूध प्रसंस्करण, डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर, सहकारी संस्थाओं और गौशालाओं से जुड़ी योजनाओं पर रहा।

