बीजेपी की सुमनलता अग्रवाल अलवर नगर निगम की पहली मेयर बनीं। उन्हें 42 वोट मिले, जबकि कांग्रेस को 23 वोट मिले।
राजस्थान के अलवर नगर निगम को पहली महापौर मिल गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सुमनलता अग्रवाल ने मेयर पद के चुनाव में जीत दर्ज की है। मतदान में सुमनलता अग्रवाल को 42 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश शर्मा के पक्ष में 23 वोट पड़े। इस तरह सुमनलता ने 19 वोटों के अंतर से चुनाव अपने नाम किया।
सुमनलता अग्रवाल की जीत के साथ ही अलवर नगर निगम में बीजेपी के बोर्ड के गठन का रास्ता साफ हो गया है। मेयर चुनाव से पहले निगम में किसी भी एक दल के पास बहुमत नहीं था, जिसके कारण निर्दलीय और अन्य पार्षदों का समर्थन महत्वपूर्ण हो गया था।
65 सदस्यीय निगम में ऐसा था आंकड़ा
अलवर नगर निगम में कुल 65 पार्षद हैं। हालिया निकाय चुनाव में बीजेपी को 28 वार्डों में जीत मिली थी, जबकि कांग्रेस के 23 पार्षद निर्वाचित हुए। इसके अलावा निर्दलीय और अन्य दलों के पार्षद भी चुनाव जीतकर निगम में पहुंचे थे। मेयर चुनाव में बहुमत के लिए 33 पार्षदों के समर्थन की आवश्यकता थी।
ऐसे में दोनों प्रमुख दलों के लिए बहुमत का आंकड़ा हासिल करना जरूरी था। मेयर चुनाव के नतीजे में सुमनलता अग्रवाल को 42 वोट मिलने से बीजेपी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया।
निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से बदला समीकरण
नगर निगम चुनाव के बाद बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही बहुमत से दूर थीं। बीजेपी के पास 28 पार्षद थे, जबकि कांग्रेस के पास 23 सीटें थीं। ऐसे में निर्दलीय और अन्य पार्षदों की भूमिका अहम हो गई थी। चुनाव के दौरान बीजेपी प्रत्याशी को अतिरिक्त पार्षदों का समर्थन मिला और उनका आंकड़ा 42 वोट तक पहुंच गया।
मेयर चुनाव से पहले ही राजनीतिक तौर पर निर्दलीय पार्षदों के रुख को महत्वपूर्ण माना जा रहा था। नतीजे आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि सुमनलता अग्रवाल को आवश्यक बहुमत से अधिक समर्थन प्राप्त हुआ।
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सुमनलता अग्रवाल ने बताईं अपनी प्राथमिकताएं
मेयर पद का चुनाव जीतने के बाद सुमनलता अग्रवाल ने शहर के विकास से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने अलवर को साफ-सुथरा बनाने, बिजली व्यवस्था में सुधार करने और नालियों की सफाई पर काम करने की बात कही है।
उनके अनुसार, नगर निगम क्षेत्र में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के साथ शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर करना भी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
अलवर नगर निगम में पहली बार बीजेपी का बोर्ड
सुमनलता अग्रवाल की जीत के साथ अलवर नगर निगम में बीजेपी का बोर्ड बनने की स्थिति स्पष्ट हो गई है। इससे पहले निकाय चुनाव में बीजेपी सबसे अधिक 28 वार्डों में जीत दर्ज करने वाली पार्टी थी, लेकिन उसे अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं हुआ था। मेयर चुनाव में मिले 42 वोटों ने निगम में पार्टी की स्थिति को स्पष्ट कर दिया।
अलवर के मेयर चुनाव का परिणाम ऐसे समय आया है जब राजस्थान के कई नगर निगमों में महापौर पद के लिए चुनाव हुए हैं। अलवर में सुमनलता अग्रवाल की जीत के साथ अब नगर निगम की नई कार्यकारिणी के सामने शहर से जुड़े विकास और नागरिक सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर काम करने की जिम्मेदारी होगी।
शहर के विकास पर रहेंगी नजरें
मेयर पद संभालने के बाद अलवर शहर में सफाई, जल निकासी, बिजली व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर नगर निगम की आगामी कार्यप्रणाली पर लोगों की नजर रहेगी। सुमनलता अग्रवाल ने भी शहर की इन सुविधाओं में सुधार को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है।
इस चुनाव में बीजेपी को 42 और कांग्रेस को 23 वोट मिले। परिणाम के बाद अलवर नगर निगम में बीजेपी के नेतृत्व में बोर्ड की तस्वीर साफ हो गई है।

