ADAMA ने भारत में Rexaro फफूंदनाशी लॉन्च किया। जानें Fluopicolide और Cymoxanil के इस संयोजन के फायदे और अंगूर, आलू व सब्जियों में रोग नियंत्रण की जानकारी।
वैश्विक फसल सुरक्षा कंपनी ADAMA Ltd. ने भारतीय कृषि बाजार में नया फफूंदनाशी Rexaro® पेश किया है। कंपनी के अनुसार, यह उत्पाद अंगूर, आलू और सब्जियों में डाउनी मिल्ड्यू तथा लेट ब्लाइट जैसे प्रमुख फफूंदनुमा रोगजनकों से होने वाली बीमारियों के प्रबंधन के लिए विकसित किया गया है। इसमें Fluopicolide 17.54% w/w और Cymoxanil 21.05% w/w सक्रिय घटकों का संयोजन शामिल है।
कंपनी का कहना है कि Rexaro® को इस तरह तैयार किया गया है कि यह रोगों की रोकथाम के साथ संक्रमण के शुरुआती चरण में भी नियंत्रण प्रदान करने में मदद कर सके। इसका उद्देश्य विशेष फसलों में रोग प्रबंधन को बेहतर बनाना और उपज की गुणवत्ता बनाए रखने में किसानों को सहायता देना है।
अंगूर, आलू और सब्जियों में होगा इस्तेमाल
ADAMA के मुताबिक, Rexaro® को भारत में विशेष फसलों के लिए बाजार में उतारा गया है। भारतीय परिस्थितियों में किए गए फील्ड ट्रायल के दौरान अंगूर और खीरे में डाउनी मिल्ड्यू तथा आलू में लेट ब्लाइट के खिलाफ इसकी प्रभावशीलता का परीक्षण किया गया।
कंपनी ने उत्पाद के रोग प्रबंधन प्रोफाइल में टमाटर में रूट रॉट और ब्रैसिका फसलों तथा प्याज में डाउनी मिल्ड्यू जैसे रोगों का भी उल्लेख किया है। हालांकि, किसानों को किसी भी फसल और रोग में इसका इस्तेमाल करने से पहले उत्पाद के भारतीय लेबल पर दर्ज स्वीकृत उपयोग, खुराक और निर्देशों की पुष्टि करनी चाहिए।
Fluopicolide और Cymoxanil का दोहरा संयोजन
Rexaro® में दो सक्रिय तत्व शामिल हैं, जो अलग-अलग लेकिन पूरक क्रियाविधियों के जरिए ओमीसीट (Oomycete) रोगजनकों के प्रबंधन में मदद करते हैं।
- Fluopicolide: कुछ प्रमुख ओमीसीट रोगों के नियंत्रण के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सक्रिय घटक।
- Cymoxanil: संक्रमण के शुरुआती चरण में रोग प्रबंधन में उपयोगी सक्रिय घटक।
इन दोनों का संयोजन फसल में रोग के विकास को रोकने और शुरुआती संक्रमण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। कंपनी के अनुसार, यह फफूंदनाशी रोकथामात्मक और शुरुआती उपचारात्मक गतिविधि प्रदान करने के लिए विकसित किया गया है।
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Ayalon तकनीक से तैयार किया गया लिक्विड फॉर्मुलेशन
कंपनी ने Rexaro® में Ayalon™ तकनीक पर आधारित लिक्विड फॉर्मुलेशन का इस्तेमाल किया है। ADAMA के मुताबिक, इस फॉर्मुलेशन को पत्तियों की सतह पर उत्पाद के बेहतर फैलाव और पत्ती की बाहरी परत के माध्यम से प्रवेश को बढ़ाने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।
कंपनी ने इसके रेनफास्टनेस यानी बारिश के प्रभाव के प्रति टिकाऊपन और टैंक मिक्स में अच्छी तरह फैलने की क्षमता का भी उल्लेख किया है। इन विशेषताओं का उद्देश्य खेत में उत्पाद के उपयोग को सुविधाजनक बनाना है।
हालांकि, वास्तविक प्रदर्शन मौसम, फसल की अवस्था, रोग के दबाव और इस्तेमाल के तरीके के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।
विशेष फसलों में रोग नियंत्रण की चुनौती
डाउनी मिल्ड्यू और लेट ब्लाइट जैसे रोग अनुकूल मौसम में तेजी से फैल सकते हैं। इनसे पत्तियों, तनों और अन्य प्रभावित हिस्सों को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे फसल की उपज और बाजार में मिलने वाली गुणवत्ता पर असर पड़ने की आशंका रहती है।
अंगूर, आलू और सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के लिए समय पर रोग की पहचान और उचित प्रबंधन महत्वपूर्ण है। रोग नियंत्रण के लिए फसल का नियमित निरीक्षण, कृषि विशेषज्ञों की सलाह और स्वीकृत फफूंदनाशियों का निर्देशों के अनुसार इस्तेमाल जरूरी है।
फफूंदनाशी के लगातार या अनुचित इस्तेमाल से रोगजनकों में प्रतिरोध विकसित होने का जोखिम भी हो सकता है। इसलिए किसानों को उत्पाद के लेबल और स्थानीय कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार उपयोग करना चाहिए।
ADAMA ने रोग प्रबंधन के लिए बताया नया विकल्प
ADAMA के ग्लोबल फंगीसाइड्स प्रमुख Jean Zonato ने कहा कि ओमीसीट से होने वाले रोग तेजी से फैल सकते हैं और विशेष फसलों की गुणवत्ता तथा आर्थिक मूल्य को प्रभावित कर सकते हैं।
उनके अनुसार, Rexaro® में दो पूरक सक्रिय घटकों और Ayalon™ तकनीक का संयोजन किसानों को खेत की परिस्थितियों में रोग प्रबंधन के लिए एक नया विकल्प प्रदान करता है।
किसानों के लिए क्या है इसका महत्व?
Rexaro® का लॉन्च विशेष फसलों में रोग प्रबंधन के लिए उपलब्ध विकल्पों में एक नया उत्पाद जोड़ता है। कंपनी के अनुसार, इसका फॉर्मुलेशन रोगों की रोकथाम और शुरुआती संक्रमण के नियंत्रण में सहायता देने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
किसानों को इसके इस्तेमाल से पहले फसल-विशिष्ट मंजूरी, सही खुराक, छिड़काव का समय, सुरक्षा निर्देश और कटाई से पहले प्रतीक्षा अवधि की जानकारी उत्पाद के आधिकारिक लेबल से जांचनी चाहिए। सही रोग पहचान और एकीकृत रोग प्रबंधन के साथ ही किसी भी फफूंदनाशी का उपयोग करना बेहतर रहता है।

