DAY-NRLM योजना के तहत ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर बचत, बैंक ऋण और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर सकती हैं। जानें पात्रता और प्रक्रिया।
DAY-NRLM योजना: ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार द्वारा दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) संचालित किया जा रहा है। इस मिशन के माध्यम से देशभर में 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को लगभग 92 लाख स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जोड़ा गया है। इन समूहों के जरिए महिलाएं नियमित बचत, सामूहिक आर्थिक गतिविधियों और आजीविका के नए साधनों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
ग्रामीण विकास मंत्रालय की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाना, महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें बैंकिंग सुविधाओं तथा आजीविका संबंधी अवसरों से जोड़ना है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं छोटी बचत कर सकती हैं और निर्धारित नियमों के अनुसार बैंक ऋण एवं अन्य वित्तीय सुविधाओं का लाभ लेने के लिए प्रयास कर सकती हैं।
DAY-NRLM योजना का उद्देश्य क्या है?
दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का प्रमुख लक्ष्य ग्रामीण गरीब परिवारों को स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों में संगठित कर उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाता है।
इस मिशन के तहत महिलाओं को बचत की आदत विकसित करने, वित्तीय सेवाओं तक पहुंच बनाने, छोटे व्यवसाय शुरू करने और सामूहिक रूप से आर्थिक गतिविधियां संचालित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। कृषि, पशुपालन, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य स्थानीय व्यवसायों के माध्यम से महिलाएं अपनी आमदनी बढ़ाने के अवसर तलाश सकती हैं।
DAY-NRLM के लिए कौन पात्र हो सकता है?
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का मुख्य फोकस ग्रामीण गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं को संगठित करके आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। मिशन के अंतर्गत प्राथमिकता और सहायता संबंधित कार्यक्रमों तथा स्थानीय पात्रता मानदंडों के अनुसार निर्धारित होती है।
- ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाएं।
- आर्थिक रूप से कमजोर और आजीविका के सीमित साधन वाले परिवार।
- विधवा और परित्यक्ता महिलाएं।
- दिव्यांग सदस्य वाले जरूरतमंद परिवार।
- वंचित सामाजिक वर्गों और विशेष पिछड़े समुदायों के परिवार।
- ग्रामीण कारीगर और छोटे स्तर पर आजीविका गतिविधियां संचालित करने वाले लोग।
ध्यान दें: ऊपर दी गई सूची सामान्य जानकारी के लिए है। प्रत्येक श्रेणी को हर प्रकार का लाभ स्वतः नहीं मिलता। स्वयं सहायता समूह में शामिल होने और विशेष सहायता प्राप्त करने के लिए संबंधित राज्य एवं स्थानीय मिशन के नियम लागू होंगे।
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स्वयं सहायता समूह से कैसे जुड़ें?
ग्रामीण क्षेत्र की इच्छुक महिलाएं अपने गांव में संचालित स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के लिए स्थानीय आजीविका मिशन के अधिकारियों से संपर्क कर सकती हैं।
- अपने गांव में सक्रिय स्वयं सहायता समूह की जानकारी प्राप्त करें।
- ग्राम संगठन, संकुल स्तरीय संगठन या संबंधित आजीविका मिशन के प्रतिनिधि से संपर्क करें।
- समूह की सदस्यता और बचत से संबंधित नियमों को समझें।
- निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सदस्यता लें।
- समूह की बैठकों में भाग लें और तय नियमों के अनुसार नियमित बचत करें।
यदि गांव में पहले से कोई समूह उपलब्ध नहीं है, तो स्थानीय मिशन के मार्गदर्शन में नया समूह गठित करने की संभावना के बारे में जानकारी ली जा सकती है।
स्वयं सहायता समूह कैसे बनाएं?
गांव की महिलाएं मिलकर स्वयं सहायता समूह बनाने की पहल कर सकती हैं। इसके लिए कुछ जरूरी चरणों का पालन करना होता है।
- महिलाओं को संगठित करें: इच्छुक महिलाओं के साथ बैठक करके समूह बनाने पर चर्चा करें।
- स्थानीय अधिकारी से संपर्क करें: ग्राम संगठन या ब्लॉक स्तर पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रतिनिधि से मार्गदर्शन लें।
- समूह के नियम तय करें: बैठकों, बचत, रिकॉर्ड रखने और निर्णय लेने की प्रक्रिया निर्धारित करें।
- नियमित बचत शुरू करें: सभी सदस्य आपसी सहमति से तय राशि जमा करें।
- बैंकिंग प्रक्रिया पूरी करें: आवश्यक दस्तावेजों और बैंक के नियमों के अनुसार समूह का खाता खोलने की प्रक्रिया अपनाएं।
- आजीविका गतिविधि चुनें: स्थानीय बाजार और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार व्यवसाय या आय बढ़ाने वाली गतिविधि पर विचार करें।
समूह में सदस्यों की संख्या, बैंक खाते, पंजीयन और अन्य प्रक्रियाओं के लिए स्थानीय मिशन के निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए।
स्वयं सहायता समूह से महिलाओं को क्या फायदे मिलते हैं?
DAY-NRLM से जुड़े स्वयं सहायता समूह महिलाओं को सामूहिक बचत और आर्थिक गतिविधियों के लिए एक मंच प्रदान करते हैं। पात्रता और संबंधित नियमों के अधीन समूहों को बैंक ऋण, वित्तीय सहायता तथा आजीविका संबंधी प्रशिक्षण तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है।
महिलाएं इन सुविधाओं का उपयोग सिलाई-कढ़ाई, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि आधारित व्यवसाय और अन्य छोटे उद्यमों को विकसित करने के लिए कर सकती हैं। इससे परिवार की आय बढ़ाने, आर्थिक निर्णयों में भागीदारी मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बनाने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, स्वयं सहायता समूह से जुड़ने मात्र से ऋण या अनुदान की मंजूरी सुनिश्चित नहीं होती। इसके लिए संबंधित योजना, बैंक और पात्रता की शर्तें पूरी करना आवश्यक है।
DAY-NRLM योजना की जानकारी कहां से प्राप्त करें?
योजना, समूह गठन और आजीविका संबंधी सुविधाओं की अधिकृत जानकारी के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय की वेबसाइट देखी जा सकती है।
आधिकारिक वेबसाइट: https://rural.gov.in/

