झाबुआ कलेक्टर डॉ. योगेश भरसट ने खेतों, पॉलीहाउस और शेडनेट हाउस का निरीक्षण किया। आधुनिक खेती, गुलाब उत्पादन और फर्टिगेशन तकनीक को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत झाबुआ कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने जिले के विभिन्न गांवों का दौरा कर उद्यानिकी फसलों, पॉलीहाउस और शेडनेट हाउस में हो रही खेती का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों, फसल उत्पादन, विपणन और खेती के दौरान आने वाली समस्याओं पर चर्चा की। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और आधुनिक उद्यानिकी तकनीकों को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए।
रायपुरिया में अमरूद की खेती का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. भरसट ग्राम रायपुरिया पहुंचे, जहां उन्होंने किसान नंदलाल पाटीदार के खेत का निरीक्षण किया। किसान ने एक हेक्टेयर भूमि पर अमरूद के लगभग 2,400 पौधे लगाए हैं। इनमें ताइवान अमरूद की विएनार बिही और रेड डायमंड जैसी किस्में शामिल हैं।
कलेक्टर ने अमरूद की खेती की प्रक्रिया, पौधों के रखरखाव और उत्पादन से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने किसानों को उन्नत तकनीकों के माध्यम से उद्यानिकी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
बरवेट के पॉलीहाउस में गुलाब की खेती का निरीक्षण
इसके बाद कलेक्टर ने ग्राम बरवेट में श्रीमती सुनीता रामेश्वर पाटीदार के पॉलीहाउस का निरीक्षण किया। यहां पहली बार पॉलीहाउस तकनीक के माध्यम से गुलाब की खेती की जा रही है। कलेक्टर ने गुलाब के उत्पादन, खेती की प्रक्रिया और बाजार में फूलों की बिक्री से संबंधित जानकारी ली।
गुलाब की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फूल उत्पादक किसानों का क्लस्टर विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही फूलों की कटाई के लिए आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल पर जोर दिया, जिससे कार्य को अधिक सुविधाजनक और प्रभावी बनाया जा सके।
निरीक्षण के दौरान किसान ने फसल पर सब्सिडी उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। इस पर उद्यानिकी खेती से जुड़े विषयों की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।
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फूलों के सुरक्षित परिवहन के लिए कोल्ड चेन वाहन पर जोर
कलेक्टर डॉ. भरसट ने उद्यानिकी फसलों को राजस्व गिरदावरी में दर्ज करने के लिए पटवारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फूलों और अन्य उद्यानिकी उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ उनके सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है।
इसी उद्देश्य से उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कोल्ड चेन वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि फूलों एवं अन्य नाजुक कृषि उत्पादों को बेहतर स्थिति में बाजार तक पहुंचाने में मदद मिल सके।
जामली में ऑटोमेशन फर्टिगेशन तकनीक की जानकारी ली
कलेक्टर ने ग्राम जामली में किसान कांतिलाल पाटीदार के शेडनेट हाउस का भी निरीक्षण किया। यहां खीरे की खेती की जा रही है। किसान ने ऑटोमेशन फर्टिगेशन तकनीक के फायदे बताते हुए जानकारी दी कि इस प्रणाली से पानी और उर्वरकों की खपत कम की जा सकती है। इसकी एक खास विशेषता यह है कि इसे मोबाइल फोन के माध्यम से भी संचालित किया जा सकता है।
इस तकनीक की जानकारी लेने के बाद कलेक्टर ने जल संरक्षण, उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों के उपयोग से उद्यानिकी खेती को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिल सकती है।
किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश
निरीक्षण के अंत में कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को आधुनिक उद्यानिकी तकनीकों के बारे में नियमित रूप से जानकारी दी जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि विभागीय योजनाओं का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे।
इस दौरान पेटलावद की अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती रीतिका पाटीदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

