मध्यप्रदेश को देश का मिल्क कैपिटल बनाने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 208 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में वृंदावन ग्राम विकसित करने और दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया।
मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पशुपालन और डेयरी विकास को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। राज्य सरकार का लक्ष्य किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना, गौवंश का संरक्षण करना और प्रदेश में दूध उत्पादन को नई गति देना है। इसी दिशा में प्रदेश की सभी 208 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना के तहत गांवों को विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वृंदावन ग्राम योजना प्रदेश में गौपालन और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के साथ ग्रामीण विकास का एक बेहतर मॉडल बन सकती है। इन गांवों की व्यवस्थाएं दूसरे गांवों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेंगी। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने की हिदायत दी।
बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
129 गांवों में गठित हुईं दूध समितियां
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मध्यप्रदेश के 129 गांवों में दुग्ध समितियों का गठन किया जा चुका है। इनमें से 70 गांवों में दुग्ध संघ की गतिविधियां भी शुरू हो गई हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में दूध उत्पादन और उसके संग्रहण की व्यवस्था को मजबूत करना है, ताकि पशुपालकों को बेहतर अवसर मिल सकें।
राज्य सरकार वृंदावन ग्रामों में पशुपालन को बढ़ावा देने और दुग्ध उत्पादन की संभावनाओं का विस्तार करने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके तहत गांवों में गौपालन से जुड़ी सुविधाओं को विकसित करने तथा पशुपालकों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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क्षीर सागर योजना से मिलेगा पशुपालकों को लाभ
पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा सभी मुख्यमंत्री वृंदावन ग्रामों को क्षीर सागर योजना में शामिल किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत पशुओं की नस्ल में सुधार, बेहतर पोषण और उपचार जैसी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इन पहलों से पशुओं के स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन क्षमता को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बैठक में वृंदावन ग्रामों में संचालित गौशालाओं और उनके विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। सरकार का प्रयास है कि गौशालाओं की व्यवस्थाओं को मजबूत करने के साथ पशुपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनाया जाए।
किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पशुपालन किसानों की आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। खेती के साथ दुग्ध उत्पादन और गौपालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने से ग्रामीण परिवारों के लिए आय के अतिरिक्त अवसर विकसित हो सकते हैं।
मध्यप्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने की दिशा में राज्य सरकार दूध उत्पादन, गौवंश संरक्षण, पशुओं की देखभाल और डेयरी गतिविधियों के विस्तार पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना के माध्यम से इन प्रयासों को गांवों तक पहुंचाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

