हरियाणा सरकार की MSME नीति 2026 में छोटे उद्योगों को मशीनरी बीमा प्रीमियम पर 33% तक सहायता मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 5 लाख रुपये सालाना है।
हरियाणा MSME योजना 2026: हरियाणा सरकार ने राज्य के छोटे और सूक्ष्म उद्योगों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए नई पहल शुरू की है। हरियाणा प्रोग्रेसिव MSME एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026 के तहत पात्र सूक्ष्म और लघु विनिर्माण इकाइयों को मशीनरी एवं संयंत्र के बीमा प्रीमियम पर वित्तीय सहायता दी जाएगी।
इस योजना के तहत पात्र उद्योगों को बीमा प्रीमियम की 33 प्रतिशत तक राशि की प्रतिपूर्ति मिल सकती है। सरकार ने इसकी अधिकतम सीमा पांच लाख रुपये प्रति वर्ष तय की है। पात्र इकाइयां अधिकतम तीन वर्षों तक इस सुविधा का लाभ उठा सकती हैं।
मशीनरी बीमा कराने पर मिलेगी आर्थिक मदद
छोटे उद्योगों में मशीनरी और संयंत्र कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। आग लगने, मशीनों को नुकसान पहुंचने या बीमा पॉलिसी में शामिल अन्य जोखिमों के कारण उद्यमियों को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। ऐसे में सरकार की यह योजना उद्योगों को अपनी मशीनरी और संयंत्र का बीमा कराने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
बीमा कवरेज होने से किसी अप्रत्याशित घटना की स्थिति में कारोबार को आर्थिक नुकसान से बचाने में सहायता मिल सकती है। सरकार का उद्देश्य छोटे उद्योगों में जोखिम प्रबंधन को मजबूत करना और उद्यमियों को वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराना है।
सालाना पांच लाख रुपये तक मिल सकती है सहायता
नई नीति के तहत पात्र माइक्रो और स्मॉल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को उनके मशीनरी एवं संयंत्र के बीमा प्रीमियम पर 33 प्रतिशत तक की सहायता मिल सकती है। इस सहायता की अधिकतम सीमा पांच लाख रुपये प्रति वर्ष रखी गई है।
यह प्रोत्साहन पात्र इकाइयों को अधिकतम तीन साल तक दिया जा सकता है। हालांकि, सहायता प्राप्त करने के लिए उद्योग को नीति में निर्धारित पात्रता और अन्य जरूरी शर्तों को पूरा करना होगा।
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इनवेस्ट हरियाणा पोर्टल से करना होगा आवेदन
योजना का लाभ लेने के इच्छुक उद्यमियों को इनवेस्ट हरियाणा के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। इसके लिए पहले पात्र बीमा पॉलिसी खरीदनी होगी और उसका प्रीमियम जमा करना होगा। इसके बाद निर्धारित दस्तावेजों के साथ बीमा प्रीमियम की प्रतिपूर्ति के लिए दावा प्रस्तुत किया जा सकेगा।
सरकार की ओर से निर्धारित व्यवस्था के अनुसार आवेदन और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद पात्र प्रोत्साहन राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा अग्रिम रूप से सात कार्यदिवस के भीतर जारी किया जा सकता है।
किन उद्योगों को मिलेगा योजना का लाभ?
हरियाणा में संचालित पात्र माइक्रो और स्मॉल विनिर्माण इकाइयां इस योजना के दायरे में आएंगी। हालांकि, किसी इकाई की पात्रता उसकी गतिविधि, उद्योग की श्रेणी, बीमा पॉलिसी और अन्य निर्धारित शर्तों के आधार पर तय होगी।
उद्यमियों को आवेदन करने से पहले संबंधित नीति और योजना के दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ना होगा, ताकि पात्रता और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी सभी आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
आवेदन के लिए जरूरी होंगे ये दस्तावेज
योजना के तहत प्रतिपूर्ति का दावा करते समय उद्यमी को उद्यम पंजीकरण प्रमाणपत्र, हरियाणा उद्यम ज्ञापन, पैन कार्ड, जीएसटी से संबंधित दस्तावेज और बैंक खाते की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। इसके अलावा फर्म या कंपनी के पंजीकरण से जुड़े दस्तावेज, बीमा पॉलिसी और प्रीमियम भुगतान की रसीद भी आवश्यक हो सकती है।
योजना के संचालन संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर अन्य दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं। इसलिए आवेदन से पहले सभी जरूरी कागजात तैयार रखना उचित होगा।
छोटे कारोबारियों को मिलेगी वित्तीय सुरक्षा
मशीनरी और संयंत्र पर निर्भर छोटे उद्योगों के लिए बीमा एक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय है, लेकिन बीमा प्रीमियम का खर्च कई बार छोटे कारोबारियों के लिए अतिरिक्त वित्तीय बोझ बन सकता है। ऐसे में सरकार की ओर से प्रीमियम के एक हिस्से की प्रतिपूर्ति मिलने से उद्यमियों को राहत मिल सकती है।
हरियाणा सरकार की यह पहल राज्य के MSME क्षेत्र को मजबूत करने, छोटे उद्योगों में बीमा कवरेज बढ़ाने और कारोबार को अप्रत्याशित जोखिमों से सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे छोटे उद्यमियों को आर्थिक सुरक्षा के साथ अपने कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

