पीएम यशस्वी योजना के तहत OBC, EBC और DNT छात्रों को छात्रवृत्ति, छात्रावास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए ₹15,555 करोड़ की सहायता दी गई।
पीएम यशस्वी योजना: केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री यंग अचीवर्स स्कॉलरशिप अवॉर्ड स्कीम फॉर वाइब्रेंट इंडिया यानी पीएम यशस्वी योजना अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EBC) और विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू जनजातियों (DNT) के विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। योजना के तहत छात्रवृत्ति, छात्रावास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार के अनुसार, वर्ष 2014-15 से 2025-26 तक पीएम यशस्वी योजना के विभिन्न घटकों के तहत ₹15,555.53 करोड़ जारी किए गए हैं। इससे देशभर में 1,069 लाख से अधिक लाभार्थियों को सहायता मिलने की जानकारी दी गई है।
प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति से लाखों छात्रों को फायदा
पीएम यशस्वी योजना के तहत प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति का उद्देश्य OBC, EBC और DNT समुदायों के विद्यार्थियों को स्कूल की पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक मदद देना है। इससे आर्थिक परेशानियों के कारण पढ़ाई बीच में छोड़ने की संभावना को कम करने में सहायता मिलती है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2014-15 से 2025-26 के बीच प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए ₹2,163.15 करोड़ जारी किए गए। इस अवधि में करीब 642.58 लाख लाभार्थियों को इसका फायदा मिला।
वित्त वर्ष 2025-26 में इस मद के लिए ₹252.21 करोड़ जारी किए गए और करीब 25.22 लाख विद्यार्थियों को योजना में शामिल किया गया। हालांकि, इस वर्ष के आंकड़े अभी प्रारंभिक हैं।
पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति से उच्च शिक्षा को बढ़ावा
पीएम यशस्वी योजना का पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति घटक 10वीं के बाद पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा से जुड़े खर्चों में आर्थिक सहायता देकर OBC, EBC और DNT वर्ग के छात्रों को आगे पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
जानकारी के अनुसार, 2014-15 से 2025-26 के बीच पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए ₹12,118.75 करोड़ जारी किए गए। इससे लगभग 425.66 लाख विद्यार्थी लाभान्वित हुए।
वहीं, वर्ष 2025-26 में इस मद के लिए ₹1,138.88 करोड़ जारी किए गए और करीब 31.29 लाख लाभार्थियों के लाभान्वित होने का अनुमान है।
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OBC छात्रों के लिए छात्रावास निर्माण
कई विद्यार्थी घर से दूर रहकर पढ़ाई करने में सक्षम नहीं हो पाते क्योंकि उनके पास उचित आवास की सुविधा नहीं होती। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए योजना के तहत OBC विद्यार्थियों के लिए छात्रावास निर्माण को भी आर्थिक सहायता दी जा रही है।
सरकार के मुताबिक, 2014-15 से 2025-26 के दौरान 28,865 छात्रावास सीटों के निर्माण के लिए ₹346.79 करोड़ जारी किए गए। सिर्फ 2025-26 में 3,700 छात्रावास सीटों के निर्माण के लिए ₹21.06 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई गई।
टॉप स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी छात्रों को सहायता
वर्ष 2022-23 से ‘विद्यालयों में शीर्ष श्रेणी की शिक्षा’ योजना शुरू की गई। इसके तहत चयनित उत्कृष्ट स्कूलों में पढ़ने वाले OBC, EBC और DNT वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता दी जाती है।
योजना शुरू होने के बाद से अब तक ₹116.69 करोड़ जारी किए गए हैं और 45,228 छात्रों को लाभ मिला है।
आंकड़ों के अनुसार, 2022-23 में जहां 1,275 विद्यार्थियों को सहायता मिली थी, वहीं 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 27,007 हो गई। वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए ₹75.63 करोड़ जारी किए गए।
कॉलेज स्तर पर भी मिल रही आर्थिक मदद
उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2023-24 से ‘कॉलेजों में टॉप क्लास एजुकेशन’ योजना लागू है। इसके तहत चयनित उत्कृष्ट कॉलेजों और संस्थानों में पढ़ने वाले OBC, EBC और DNT समुदाय के मेधावी विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता दी जाती है।
2023-24 से 2025-26 के बीच इस योजना के तहत ₹810.15 करोड़ जारी किए गए और 37,937 विद्यार्थियों को लाभ मिला।
वित्त वर्ष 2025-26 में ₹368.86 करोड़ जारी कर 17,295 विद्यार्थियों को सहायता प्रदान की गई।
पीएम यशस्वी योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
पीएम यशस्वी योजना के अलग-अलग घटकों का उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े समुदायों के विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर देना है। छात्रवृत्ति से पढ़ाई का खर्च उठाने में मदद मिलती है, जबकि छात्रावास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़े प्रावधान विद्यार्थियों को बेहतर संस्थानों तक पहुंच बनाने में सहायता करते हैं।
सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियों के कारण किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की शिक्षा बाधित न हो।
शिक्षा के जरिए सशक्तिकरण
पीएम यशस्वी योजना के माध्यम से छात्रवृत्ति, छात्रावास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को एक साथ बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे OBC, EBC और DNT समुदाय के विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

