सोलर लाइट ट्रैप से किसान फसल को कीटों से बचा सकते हैं। सिर्फ ₹204 के कृषक अंश पर उपकरण पाने की प्रक्रिया, पात्रता और जरूरी दस्तावेज जानें।
खेती में कीटों से फसल को बचाना किसानों के लिए बड़ी चुनौती होती है। खासकर मौसम बदलने के दौरान माहू, चेपा और अन्य उड़ने वाले कीट फसलों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इनसे बचाव के लिए किसानों को अक्सर कीटनाशकों का इस्तेमाल करना पड़ता है, जिससे खेती की लागत बढ़ जाती है। ऐसे में सोलर लाइट ट्रैप किसानों के लिए उपयोगी विकल्प साबित हो सकता है।
इस उपकरण की मदद से रात में सक्रिय रहने वाले कई उड़ने वाले कीटों को प्रकाश की ओर आकर्षित कर पकड़ा जा सकता है। खास बात यह है कि पात्र किसानों को यह उपकरण ₹204 के कृषक अंश पर उपलब्ध कराया जा रहा है। आइए जानते हैं सोलर लाइट ट्रैप कैसे काम करता है और किसान इसे कैसे प्राप्त कर सकते हैं।
क्या है सोलर लाइट ट्रैप?
सोलर लाइट ट्रैप एक ऐसा कृषि उपकरण है, जो सौर ऊर्जा की मदद से रात में उड़ने वाले कीटों को आकर्षित करने में मदद करता है। इसमें लगी सोलर प्लेट दिन के समय सूर्य की रोशनी से बैटरी को चार्ज करती है।
शाम होते ही उपकरण की लाइट अपने आप जलने लगती है। इससे इसे चलाने के लिए अलग से बिजली कनेक्शन की जरूरत नहीं पड़ती। इस तरह किसान बिजली की अतिरिक्त लागत के बिना खेत में कीट प्रबंधन कर सकते हैं।
कैसे काम करता है सोलर लाइट ट्रैप?
रात में कई प्रकार के उड़ने वाले कीट रोशनी की तरफ आकर्षित होते हैं। सोलर लाइट ट्रैप इसी प्राकृतिक व्यवहार का उपयोग करता है।
लाइट की ओर आकर्षित होकर कीट उपकरण के आसपास पहुंचते हैं और नीचे लगी ट्रे में गिर जाते हैं। ट्रे में पानी या कृषि विभाग द्वारा सुझाया गया उपयुक्त मिश्रण रखा जा सकता है। इसके संपर्क में आने के बाद कीट फंस जाते हैं।
इस तरीके से खेत में मौजूद कुछ उड़ने वाले कीटों की संख्या को कम करने में मदद मिल सकती है और फसल पर कीटों का दबाव घट सकता है।
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एक एकड़ में कितने सोलर ट्रैप लगाएं?
कीटों का प्रकोप अधिक होने की स्थिति में किसान खेत के आकार और स्थानीय कृषि विभाग की सलाह के अनुसार ट्रैप लगा सकते हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक एक एकड़ क्षेत्र में करीब 3 से 4 सोलर लाइट ट्रैप लगाए जा सकते हैं। ट्रैप को खेत में ऐसी जगह लगाना जरूरी है, जहां रात में सक्रिय उड़ने वाले कीट आसानी से प्रकाश की ओर आकर्षित हो सकें।
सिर्फ ₹204 के कृषक अंश पर मिलेगा उपकरण
इस योजना की प्रमुख खासियत किसानों के लिए निर्धारित कम कृषक अंश है। पंजीकृत किसानों को सोलर लाइट ट्रैप ₹204 के कृषक अंश पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
इच्छुक किसान अपने क्षेत्र की कृषि रक्षा इकाई या संबंधित कृषि विभाग कार्यालय से संपर्क करके उपकरण की उपलब्धता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी ले सकते हैं।
किसान रजिस्ट्रेशन नहीं है तो क्या करें?
जिन किसानों का कृषि विभाग में अभी तक पंजीकरण नहीं हुआ है, उन्हें पहले अपना किसान पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए किसान अपने नजदीकी लोकवाणी केंद्र या जन सेवा केंद्र (CSC) से संपर्क कर सकते हैं।
पंजीकरण के दौरान जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है। इसलिए किसान पहले से ये दस्तावेज तैयार रखें:
- आधार कार्ड
- खतौनी/भूमि संबंधी दस्तावेज
- बैंक पासबुक
- अन्य आवश्यक दस्तावेज, जैसा संबंधित विभाग बताए
कीटनाशक खर्च कम करने में मिल सकती है मदद
सोलर लाइट ट्रैप का इस्तेमाल किसानों को कीट प्रबंधन में एक अतिरिक्त तरीका उपलब्ध कराता है। इससे रात में सक्रिय उड़ने वाले कीटों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है और परिस्थितियों के अनुसार कीटनाशकों पर निर्भरता कम की जा सकती है।
हालांकि, हर फसल और हर कीट के लिए इसका प्रभाव एक जैसा नहीं होता। इसलिए किसान अपने क्षेत्र में कृषि विशेषज्ञ या कृषि विभाग की सलाह के अनुसार ट्रैप की संख्या और उपयोग का तरीका तय करें।
किसानों के लिए जरूरी बात
सोलर लाइट ट्रैप लेने से पहले किसान अपने ब्लॉक की कृषि रक्षा इकाई से योजना की वर्तमान उपलब्धता, पात्रता, कृषक अंश और आवेदन प्रक्रिया की पुष्टि जरूर कर लें। इससे गलत जानकारी या आवेदन संबंधी परेशानी से बचा जा सकता है।

