सोलन में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम हुआ। सुधांश पंत ने छात्रों से संवाद कर नशे से दूर रहने और स्वस्थ समाज बनाने की अपील की।
हिमाचल प्रदेश के सोलन में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया और छात्रों से संवाद करते हुए उन्हें नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
यह कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहयोग से सोलन स्थित वर्टेक्स इंस्टीट्यूट में आयोजित किया गया। संस्थान भारत सरकार के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (NIELIT), शिमला का अधिकृत पार्टनर है।
छात्रों से संवाद कर आधुनिक कौशल पर दिया जोर
कार्यक्रम के दौरान सुधांश पंत ने पीएम-एजेएवाई के तहत कंप्यूटर एप्लीकेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई कर रहे छात्रों से बातचीत की। उन्होंने युवाओं को बदलती तकनीकी दुनिया के अनुरूप अपने कौशल को विकसित करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में डिजिटल क्षमता, तकनीकी ज्ञान और इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप स्किल हासिल करना युवाओं के करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती तकनीकों से पैदा हो रहे अवसरों का लाभ उठाने पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। सचिव ने युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने और आधुनिक आईटी पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए वर्टेक्स इंस्टीट्यूट के प्रयासों की सराहना भी की।
छात्रों ने ली ‘नशा मुक्त भारत’ की शपथ
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘नशा मुक्त भारत’ संकल्प समारोह रहा। इस दौरान सुधांश पंत ने छात्रों को नशीले पदार्थों से दूर रहने और समाज को नशे की समस्या से मुक्त बनाने में योगदान देने की शपथ दिलाई।
उन्होंने युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता को केवल व्यक्तिगत स्तर तक सीमित नहीं रखना चाहिए। युवाओं की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से इस संदेश को परिवारों और समुदायों तक पहुंचाया जा सकता है।
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पेंटिंग और भाषण जैसी गतिविधियों से बढ़ाई जागरूकता
छात्रों को अभियान से जोड़ने के लिए कार्यक्रम में कई रचनात्मक और शैक्षणिक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इनमें पेंटिंग, स्लोगन लेखन, वाद-विवाद, भाषण और ‘नशा मुक्त भारत’ की थीम पर आधारित लघु नाटक शामिल रहे।
करीब 96 छात्रों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, सही निर्णय लेने और नशीले पदार्थों से दूरी बनाए रखने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में कई अधिकारी और संस्थाओं के प्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में सोलन के अतिरिक्त जिला आयुक्त दिव्यांशु सिंघल, हिमाचल प्रदेश सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप-निदेशक (SCDP) केशव नंद गौतम और जिला कल्याण अधिकारी विवेक अरोड़ा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला कल्याण कार्यालय और NIELIT शिमला के प्रतिनिधियों ने भी अभियान में सहयोग दिया। वर्टेक्स इंस्टीट्यूट की टीम ने कार्यक्रम के आयोजन और विभिन्न गतिविधियों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
2020 में शुरू हुआ था नशा मुक्त भारत अभियान
‘नशा मुक्त भारत अभियान’ (NMBA) की शुरुआत 15 अगस्त 2020 को की गई थी। अभियान का उद्देश्य देशभर में नशीले पदार्थों के सेवन के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता बढ़ाना और नशे की रोकथाम से जुड़े प्रयासों को मजबूत करना है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग इस अभियान का नोडल विभाग है। अभियान के तहत नशे से बचाव के लिए जागरूकता, युवाओं और समुदाय की भागीदारी, उपचार, पुनर्वास तथा नशे की समस्या से प्रभावित लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया जाता है।
युवाओं की भागीदारी को बताया अभियान की ताकत
सोलन में आयोजित कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी स्तर पर नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से ही प्रभावी बनाई जा सकती है। शिक्षण संस्थानों में ऐसे कार्यक्रम युवाओं को नशीले पदार्थों के नुकसान के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित कर सकते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर युवाओं की भागीदारी, निरंतर जागरूकता और विभिन्न सरकारी एवं सामाजिक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय को ‘नशा मुक्त भारत’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी बताया गया।

