HDFC Bank Q2 Results: HDFC बैंक ने Q2 में 1.5 लाख करोड़ से ज्यादा जमा जुटाए। कुल डिपॉजिट 33.27 लाख करोड़ और FCNR जमा 1.10 लाख करोड़ रुपये पहुंची।
HDFC Bank Q2 Results: देश के प्रमुख निजी बैंकों में शामिल HDFC Bank ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में जमा के मोर्चे पर मजबूत प्रदर्शन किया है। जुलाई से सितंबर 2026 के बीच बैंक के कुल जमा में करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
बैंक की ओर से जारी तिमाही बिजनेस अपडेट के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 तक कुल जमा 33.27 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें तिमाही आधार पर 4.9 फीसदी और सालाना आधार पर करीब 19 फीसदी की वृद्धि हुई है।
FCNR जमा से जुटाए 1.10 लाख करोड़ रुपये
HDFC Bank ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से शुरू की गई विशेष FCNR(B) स्वैप सुविधा का भी बैंक ने फायदा उठाया। इस योजना के तहत बैंक ने करीब 11.5 अरब डॉलर यानी लगभग 1.10 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा जमा जुटाई।
RBI ने यह विशेष सुविधा जून में शुरू की थी और इसके तहत बैंकों को 31 अगस्त तक विदेशी मुद्रा जमा जुटाने का अवसर मिला था।
इन जमा के आधार पर HDFC Bank की विदेशी शाखाओं ने करीब 5.7 अरब डॉलर यानी लगभग 54,770 करोड़ रुपये के कर्ज दिए। वहीं, अन्य बैंकों के पक्ष में जारी स्टैंडबाय लेटर ऑफ क्रेडिट की राशि करीब 3.1 अरब डॉलर यानी लगभग 29,340 करोड़ रुपये रही।
बॉन्ड के जरिए भी जुटाई रकम
जून से अगस्त 2026 के दौरान HDFC Bank ने डॉलर में 2.5 अरब डॉलर यानी करीब 23,960 करोड़ रुपये के सीनियर अनसिक्योर्ड बॉन्ड भी जारी किए। इससे बैंक को विदेशी बाजार से फंड जुटाने में मदद मिली और उसकी विदेशी मुद्रा आधारित फंडिंग में भी मजबूती आई।
RBI ने क्यों शुरू की थी FCNR स्वैप सुविधा?
भारतीय रिजर्व बैंक ने 8 जून को बैंकों के लिए विशेष FCNR(B) स्वैप सुविधा शुरू की थी। इसका उद्देश्य बैंकों को लंबी अवधि की विदेशी मुद्रा जमा जुटाने के लिए प्रोत्साहित करना था।
इस व्यवस्था के तहत बैंकों को डॉलर-रुपया स्वैप की सुविधा अपेक्षाकृत अनुकूल शर्तों पर उपलब्ध कराई गई। इससे विदेशी मुद्रा जमा जुटाने की लागत को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद थी।
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ICICI Bank ने कितनी FCNR जमा जुटाई?
FCNR(B) जमा के मामले में दूसरे बड़े निजी बैंक ICICI Bank ने HDFC Bank से भी अधिक रकम जुटाई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक ICICI Bank ने इस सुविधा के तहत करीब 17.88 अरब डॉलर की जमा हासिल की। इसके अलावा ICICI Bank ने डॉलर बॉन्ड के जरिए करीब 3.55 अरब डॉलर भी जुटाए।
HDFC Bank का कर्ज कारोबार भी बढ़ा
जमा के साथ-साथ HDFC Bank के लोन पोर्टफोलियो में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। सितंबर 2026 के अंत तक बैंक का ग्रॉस एडवांस 32.19 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। सालाना आधार पर इसमें 16.3 फीसदी और जून तिमाही की तुलना में 5.2 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
वहीं, 30 सितंबर 2026 तक बैंक का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) आधारित एडवांस 33.08 लाख करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले की तुलना में 15.3 फीसदी अधिक है।
औसत जमा में भी हुआ इजाफा
सितंबर तिमाही के दौरान HDFC Bank का औसत कुल जमा 31.66 लाख करोड़ रुपये रहा। सालाना आधार पर इसमें 16.8 फीसदी की वृद्धि हुई।
जून तिमाही में औसत जमा 30.12 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह तिमाही आधार पर भी बैंक के औसत जमा में करीब 5.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
CASA Deposit में 10.7 फीसदी की वृद्धि
बैंक के CASA यानी करंट अकाउंट और सेविंग अकाउंट डिपॉजिट में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। सितंबर तिमाही में औसत CASA जमा सालाना आधार पर 10.7 फीसदी बढ़कर 9.71 लाख करोड़ रुपये हो गया।
पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 8.77 लाख करोड़ रुपये था। जून तिमाही के 9.57 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले औसत CASA में तिमाही आधार पर 1.5 फीसदी की वृद्धि हुई।
Fixed Deposit में ज्यादा तेज बढ़ोतरी
HDFC Bank के औसत फिक्स्ड डिपॉजिट यानी टर्म डिपॉजिट में CASA की तुलना में अधिक तेज वृद्धि देखने को मिली। सितंबर तिमाही में औसत टर्म डिपॉजिट 21.95 लाख करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल की समान तिमाही के 18.34 लाख करोड़ रुपये से 19.7 फीसदी अधिक है।
जून तिमाही में औसत टर्म डिपॉजिट 20.55 लाख करोड़ रुपये था। इसके मुकाबले सितंबर तिमाही में 6.9 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सितंबर अंत में CASA और टर्म डिपॉजिट की स्थिति
30 सितंबर 2026 तक बैंक का CASA डिपॉजिट 10.52 लाख करोड़ रुपये रहा। पिछले साल सितंबर के 9.49 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले इसमें 10.8 फीसदी वृद्धि हुई। जून तिमाही के 10.25 लाख करोड़ रुपये की तुलना में भी CASA में 2.6 फीसदी का इजाफा हुआ।
वहीं, सितंबर के अंत में बैंक का टर्म डिपॉजिट 22.76 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें सालाना आधार पर 22.8 फीसदी और तिमाही आधार पर 6.1 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
कुल मिलाकर, सितंबर तिमाही में HDFC Bank ने जमा और कर्ज दोनों मोर्चों पर मजबूत वृद्धि दर्ज की है। FCNR(B) स्वैप सुविधा के जरिए जुटाई गई विदेशी मुद्रा जमा और बढ़ते CASA व टर्म डिपॉजिट बैंक की फंडिंग स्थिति के लिए अहम संकेत माने जा रहे हैं।

