मनीमाजरा में 80 से 100 करोड़ की लागत से नया इंटीग्रेटेड बस टर्मिनस बनाने की तैयारी है। यहां से पांच राज्यों के लिए बस सेवा और 15 हजार यात्रियों की क्षमता होगी।
मनीमाजरा में यात्रियों को जल्द ही एक नए और बड़े बस टर्मिनस की सुविधा मिल सकती है। चंडीगढ़ नगर निगम ने हाउसिंग बोर्ड चौक के नजदीक करीब छह एकड़ जमीन पर इंटीग्रेटेड बस टर्मिनस विकसित करने की योजना तैयार की है। प्रस्तावित परियोजना पर करीब 80 से 100 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
नए टर्मिनस को केवल स्थानीय बसों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। यहां से चंडीगढ़ और पंचकूला क्षेत्र के लिए लोकल बसों के अलावा पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न शहरों के लिए अंतरराज्यीय बस सेवाएं संचालित करने की योजना है।
रोजाना 15 हजार यात्रियों को मिलेगी सुविधा
प्रस्तावित इंटीग्रेटेड बस टर्मिनस को इस तरह विकसित करने की योजना है कि यहां प्रतिदिन करीब 15 हजार यात्री आवागमन कर सकें। एक समय में लगभग 20 से 25 बसों को खड़ा करने की क्षमता भी प्रस्तावित है।
टर्मिनस के तैयार होने के बाद पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अंतरराज्यीय बस पकड़ने के लिए सेक्टर-43 स्थित आईएसबीटी तक जाने की जरूरत कम हो सकती है। इससे मनीमाजरा और पंचकूला के यात्रियों को नजदीक ही बस सेवा का विकल्प उपलब्ध होगा।
कई शहरों के लिए लोकल बस कनेक्टिविटी की योजना
प्रस्तावित बस टर्मिनस से अंतरराज्यीय सेवाओं के साथ आसपास के क्षेत्रों के लिए लोकल बस नेटवर्क को भी जोड़ा जाएगा। योजना के तहत रायपुररानी, शहजादपुर, नारायणगढ़, जीरकपुर, डेराबस्सी, लालड़ू, बनूड़ और राजपुरा जैसे स्थानों के लिए बस कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की तैयारी है।
इससे मनीमाजरा के साथ पंचकूला और आसपास के कस्बों में रहने वाले लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन के विकल्प बढ़ सकते हैं।
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मौजूदा बस स्टैंड पर रोज आते-जाते हैं करीब 5 हजार यात्री
मनीमाजरा में फिलहाल लोकल बसों के लिए एक छोटा बस स्टैंड मौजूद है। यहां मुख्य रूप से मनसा देवी और चंडीगढ़ के बीच चलने वाली बसों का संचालन होता है। वर्तमान व्यवस्था में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लिए सीधे बस संचालन की सुविधा नहीं है।
मौजूदा बस स्टैंड से प्रतिदिन करीब 5 हजार यात्रियों के आवागमन का अनुमान है। सीमित जगह के कारण बसों की आवाजाही का असर आसपास की सड़कों पर भी पड़ता है और कई बार ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है।
पार्किंग और यात्री सुविधाओं की भी कमी
मौजूदा बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, पार्किंग और साफ-सफाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। बसों के प्रवेश और निकास की व्यवस्था भी व्यवस्थित नहीं होने के कारण यातायात प्रबंधन में परेशानी होती है।
नया इंटीग्रेटेड बस टर्मिनस बनने से इन समस्याओं को एक बेहतर बुनियादी ढांचे के जरिए दूर करने की योजना है।
80 से 100 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान
नगर निगम के चीफ इंजीनियर संजय अरोड़ा के अनुसार हाउसिंग बोर्ड चौक के पास उपलब्ध करीब छह एकड़ जमीन पर इंटीग्रेटेड बस टर्मिनस विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
परियोजना की अनुमानित लागत 80 से 100 करोड़ रुपये रखी गई है। प्रस्तावित वित्तीय मॉडल के तहत परियोजना के लिए केंद्र सरकार और प्रशासन से 25-25 प्रतिशत, जबकि शेष 50 प्रतिशत राशि नगर निगम की ओर से जुटाने की योजना है।
अंतरराज्यीय परिवहन को मिलेगा नया केंद्र
यदि प्रस्तावित योजना को मंजूरी मिलती है और परियोजना निर्धारित योजना के अनुसार पूरी होती है, तो मनीमाजरा क्षेत्र में एक नया परिवहन केंद्र विकसित होगा। इससे स्थानीय बस सेवाओं के साथ पांच राज्यों के लिए बस कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की योजना को आधार मिलेगा।
टर्मिनस से बस संचालन को एक ही स्थान पर व्यवस्थित करने से यात्रियों, बस ऑपरेटरों और आसपास के ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़ी मौजूदा चुनौतियों को दूर करने का लक्ष्य है।

