अरविंद केजरीवाल ने अपनी सरकार के कामकाज का आकलन किया। शराब नीति और बिजली को 10 में 10, शिक्षा-स्वास्थ्य को 8-9 नंबर देने की वजह बताई।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अपनी सरकार के कार्यकाल को लेकर खुद का आकलन किया है। एक टीवी इंटरव्यू में उनसे शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, सड़क, प्रदूषण, यमुना सफाई और एक्साइज पॉलिसी समेत कई मुद्दों पर 10 में से अंक देने को कहा गया। केजरीवाल ने बिजली और एक्साइज पॉलिसी को 10 में 10 अंक दिए, जबकि शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए उन्होंने 8 या 9 अंक का जिक्र किया।
शिक्षा के काम को दिए 8-9 नंबर
केजरीवाल ने दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में अपनी सरकार के काम को लेकर कहा कि इस क्षेत्र में काफी सुधार हुआ, लेकिन अभी कुछ काम बाकी रह गया था। उन्होंने शिक्षा के लिए खुद को 8 या 9 अंक देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा के क्षेत्र में आगे भी कई योजनाओं पर काम करना चाहती थी, इसलिए वह इसे पूरे 10 अंक नहीं देंगे।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी माना और काम बाकी था
दिल्ली के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं पर बात करते हुए केजरीवाल ने भी 8 या 9 अंक देने की बात कही। उन्होंने मोहल्ला क्लीनिक का उदाहरण देते हुए अपनी सरकार के दौरान किए गए कामों का जिक्र किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बदलने के बाद कुछ मोहल्ला क्लीनिक बंद हो गए। हालांकि, इन आरोपों को लेकर वर्तमान दिल्ली सरकार का पक्ष अलग हो सकता है।
बिजली के काम को दिए पूरे 10 नंबर
बिजली के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के प्रदर्शन को 10 में 10 अंक दिए। केजरीवाल ने कहा कि उनके कार्यकाल में दिल्ली में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने और मुफ्त बिजली देने की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने दावा किया कि अब दिल्ली में दोबारा बिजली कटौती देखने को मिल रही है।
पानी की सप्लाई पर 7 अंक
दिल्ली में पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने के काम को केजरीवाल ने 7 अंक दिए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के दौरान कई ऐसे इलाकों तक पानी पहुंचाया गया, जहां पहले नियमित सप्लाई नहीं थी।
उनके मुताबिक, अगर सरकार को आगे पांच साल और मिलते तो दिल्ली में 24 घंटे पानी की सप्लाई के लक्ष्य पर काम पूरा किया जा सकता था।
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महिला सुरक्षा और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर क्या कहा?
महिला सुरक्षा के सवाल पर केजरीवाल ने कहा कि यह विषय मुख्य रूप से केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र से जुड़ा है। वहीं पब्लिक ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में उन्होंने अपनी सरकार के काम को 7 से 8 अंक देने की बात कही।
शासन और पारदर्शिता के मामले में उन्होंने 8-9 अंक का आकलन किया। सड़क और ड्रेनेज के काम को लेकर भी उन्होंने 8-9 अंक दिए और कहा कि इन क्षेत्रों में अभी और काम किया जाना बाकी था।
प्रदूषण और यमुना पर केजरीवाल ने बताई अलग-अलग एजेंसियों की भूमिका
दिल्ली के वायु प्रदूषण पर केजरीवाल ने कोई निश्चित नंबर नहीं दिया। उन्होंने कहा कि प्रदूषण की समस्या केवल दिल्ली सरकार के नियंत्रण में नहीं है और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने समेत कई कारण इसके लिए जिम्मेदार हैं।
यमुना की सफाई को लेकर भी उन्होंने कई एजेंसियों के बीच जिम्मेदारियां बंटी होने की बात कही। उनके अनुसार, यमुना से जुड़े अलग-अलग हिस्से विभिन्न एजेंसियों के अधीन हैं, जिससे काम करने में समन्वय की समस्या आती है।
एक्साइज पॉलिसी को क्यों दिए 10 में 10?
इंटरव्यू में जब केजरीवाल से दिल्ली की शराब नीति यानी एक्साइज पॉलिसी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसे 10 में 10 अंक दिए।
केजरीवाल ने दावा किया कि नीति का उद्देश्य शराब दुकानों के आवंटन में नीलामी के जरिए प्रतिस्पर्धा बढ़ाना और सरकारी राजस्व में वृद्धि करना था। उन्होंने पंजाब में लागू नीति का उदाहरण देते हुए राजस्व बढ़ने का दावा भी किया।
हालांकि, दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मामले को लेकर कानूनी कार्यवाही अलग से जारी है। फरवरी 2026 में ट्रायल कोर्ट ने मामले में केजरीवाल समेत 23 आरोपियों को डिस्चार्ज किया था। इसके बाद CBI ने इस आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी। अगस्त 2026 में हाई कोर्ट ने केजरीवाल और अन्य नेताओं को CBI की याचिका पर जवाब देने का अंतिम अवसर दिया था और मामले में आगे सुनवाई तय की गई थी।
जेल जाने को लेकर क्या बोले केजरीवाल?
केजरीवाल ने अपने इंटरव्यू में कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा दुख इस बात का हुआ कि उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े मामले में जेल जाना पड़ा। उन्होंने अपनी राजनीतिक छवि और लंबे समय से ईमानदारी के दावे का उल्लेख करते हुए कहा कि इस घटनाक्रम से उन्हें व्यक्तिगत तौर पर काफी पीड़ा हुई।
कोर्ट की स्थिति को लेकर यह ध्यान रखना जरूरी है कि ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ CBI की चुनौती दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है। इसलिए मामले की अंतिम कानूनी स्थिति को हाई कोर्ट की आगे की कार्यवाही के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
केजरीवाल ने खुद को कितने नंबर दिए?
केजरीवाल के इंटरव्यू में सामने आए आकलन के मुताबिक शिक्षा और स्वास्थ्य में उन्होंने 8-9 अंक, बिजली में 10 अंक, पानी की सप्लाई में 7 अंक, पब्लिक ट्रांसपोर्ट में 7-8 अंक और शासन व पारदर्शिता तथा सड़क-ड्रेनेज में 8-9 अंक की बात कही। एक्साइज पॉलिसी के लिए उन्होंने 10 में 10 अंक दिए।
इस तरह केजरीवाल ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों और अधूरे कामों दोनों का जिक्र किया, जबकि कई मुद्दों पर उन्होंने दिल्ली सरकार के साथ केंद्र और अन्य एजेंसियों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।

