हरियाणा सरकार किसानों को फल, सब्जी, फूल, मसाले और सुगंधित पौधों की खेती पर सब्सिडी दे रही है। जानें कितनी मिलेगी सहायता और आवेदन का तरीका।
राज्य में किसानों को पारंपरिक खेती के साथ बागवानी फसलों की ओर बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से विभिन्न योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता दी जा रही है। हरियाणा बागवानी विभाग के माध्यम से फल, सब्जियां, फूल, मसाले और सुगंधित पौधों की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। बागवानी विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर किसानों के लिए पंजीकरण और योजनाओं में आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है।
किन फसलों की खेती पर मिलेगा लाभ?
सरकारी सहायता के दायरे में कई तरह की बागवानी फसलें शामिल हैं। इनमें मुख्य रूप से फल, सब्जियां, फूल, मसाले और सुगंधित पौधे शामिल हैं।
नए फलदार बाग लगाने और मसालों की खेती के लिए किसान निर्धारित क्षेत्रफल तक योजना का लाभ ले सकते हैं। सब्जियों की खेती के लिए सामान्य और अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों के लिए अलग-अलग क्षेत्र सीमा निर्धारित की गई है। फूल और सुगंधित पौधों की खेती को भी इस तरह की सहायता के दायरे में रखा गया है।
नए बाग लगाने पर कितना अनुदान?
नए फलदार बाग स्थापित करने वाले किसानों के लिए फसल और निर्धारित मानकों के अनुसार अलग-अलग दरों पर वित्तीय सहायता का प्रावधान है। आपके दिए विवरण के अनुसार, यह सहायता ₹24,500 से लेकर ₹1.40 लाख प्रति एकड़ तक हो सकती है।
हालांकि, वास्तविक अनुदान फसल, क्षेत्रफल, तकनीक और संबंधित योजना के लागू नियमों पर निर्भर करेगा। हरियाणा के मौजूदा बागवानी दिशा-निर्देशों में नए बाग लगाने जैसी गतिविधियों के लिए क्षेत्र और सहायता की अलग-अलग सीमाएं निर्धारित हैं।
सब्जियों की खेती पर भी मिलेगी आर्थिक मदद
सब्जी उत्पादकों के लिए भी सरकार की ओर से सहायता का प्रावधान है। दिए गए योजना विवरण के मुताबिक सामान्य श्रेणी के किसानों को ₹15,000 प्रति एकड़, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को ₹25,500 प्रति एकड़ तक अनुदान मिल सकता है।
यह सहायता कुछ एकीकृत खेती तकनीकों को अपनाने पर आधारित है। इनमें मल्चिंग, लो टनल, ड्रिप सिंचाई और बांस की स्टैकिंग जैसी तकनीकें शामिल हैं।
मसाले और फूलों की खेती पर भी सब्सिडी
मसाला फसलों की खेती करने वाले किसानों को भी सरकार की योजना के तहत सहायता मिल सकती है। दिए गए विवरण के अनुसार मसालों के लिए ₹15,000 से ₹30,000 प्रति एकड़ तक अनुदान का प्रावधान है।
वहीं, फूलों की खेती के लिए किसानों को ₹8,000 से ₹40,000 प्रति एकड़ तक सहायता मिल सकती है। सुगंधित पौधों की खेती के लिए ₹8,000 प्रति एकड़ तक अनुदान का प्रावधान बताया गया है। बागवानी विभाग की योजनाओं में फल, सब्जी, मसाले, फूल और सुगंधित पौधों जैसी श्रेणियां शामिल हैं।
also read: राहुल गांधी पर अनिल विज का हमला, बोले- संवैधानिक संस्थाओं को निशाना…
किसानों को सीधे बैंक खाते में मिलेगी राशि
योजना के तहत स्वीकृत अनुदान राशि लाभार्थी किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी। इसके लिए आवेदन के दौरान बैंक खाते से संबंधित सही जानकारी उपलब्ध कराना जरूरी होगा।
किसानों को योजना का लाभ लेने से पहले संबंधित फसल और घटक के लिए लागू मौजूदा नियम, पात्रता और क्षेत्र सीमा की जांच करनी चाहिए।
आवेदन के लिए इन पोर्टल पर करना होगा पंजीकरण
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को संबंधित ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण और आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। हरियाणा के बागवानी विभाग के हॉर्टनेट पोर्टल पर किसान पंजीकरण, योजना के लिए आवेदन और दस्तावेज अपलोड करने की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
आवेदन के लिए किसान से व्यक्तिगत जानकारी, परिवार पहचान पत्र, बैंक खाते की जानकारी और जरूरत पड़ने पर अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
जमीन के मालिक और पट्टेदार किसान भी ले सकते हैं लाभ
बागवानी विभाग के उपलब्ध दिशा-निर्देशों में कुछ मौसमी या वार्षिक बागवानी गतिविधियों के लिए जमीन के मालिक के साथ पात्र पट्टेदार या किरायेदार किसानों को भी लाभ देने का प्रावधान बताया गया है। हालांकि, इसके लिए निर्धारित दस्तावेज और जमीन मालिक की सहमति जैसी शर्तें लागू हो सकती हैं।
आवेदन करने से पहले जरूर जांचें नियम
बागवानी योजनाओं में फसल, तकनीक, किसान की श्रेणी और क्षेत्रफल के आधार पर सहायता की राशि अलग हो सकती है। इसलिए किसान आवेदन करने से पहले अपने जिले के बागवानी विभाग से मौजूदा दरों और पात्रता की पुष्टि कर लें।
हरियाणा बागवानी विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर 2026-27 के लिए पंजीकरण और योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध दिखाई जा रही हैं।

