असम में CJP कार्यकर्ताओं की हिरासत के बाद अभिजीत दीपके ने असम कूच का ऐलान किया। जानें कौन हैं दीपके और हर्ष काकर ने क्या कहा।
गुवाहाटी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद मामला चर्चा में आ गया। रविवार, 27 सितंबर को पार्टी की क्षेत्रीय स्वयंसेवक बैठक से पहले पुलिस ने सह-संयोजक आशुतोष रांका समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। पार्टी के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 30 से अधिक थी, जबकि कुछ रिपोर्टों में 40 से अधिक कार्यकर्ताओं का उल्लेख किया गया है।
इस घटनाक्रम के बाद CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी और रांका की रिहाई नहीं होने पर असम पहुंचने की बात कही। इसके बाद पूर्व मेजर जनरल हर्ष काकर ने भी सोशल मीडिया पर दीपके के बयान पर प्रतिक्रिया दी।
कौन हैं अभिजीत दीपके?
अभिजीत दीपके कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक हैं। हालिया घटनाक्रम में उन्होंने असम पुलिस द्वारा पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने का मुद्दा सोशल मीडिया पर उठाया।
दीपके ने दावा किया कि आशुतोष रांका और उनकी टीम को पुलिस ने हिरासत में लेकर किसी अज्ञात स्थान पर पहुंचाया। उन्होंने यह भी कहा कि अगर रांका को रिहा नहीं किया गया तो वह पार्टी के अन्य सदस्यों के साथ असम जाएंगे।
हर्ष काकर ने क्या कहा?
दीपके के असम जाने के ऐलान के बाद पूर्व मेजर जनरल हर्ष काकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दीपके के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उन्हें लगता है कि उनके पोस्ट से असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर दबाव पड़ेगा, तो यह उनकी गलतफहमी है।
काकर ने अपने पोस्ट में दीपके को लेकर सवाल भी उठाया। उनका यह बयान CJP से जुड़े घटनाक्रम के बीच सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा।
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गुवाहाटी में क्या हुआ था?
CJP के नेताओं के मुताबिक, पार्टी ने गुवाहाटी में क्षेत्रीय स्वयंसेवकों की बैठक आयोजित करने की योजना बनाई थी। शुरुआत में बैठक अठगांव स्थित असम श्री परशुराम सेवा सदन में होने वाली थी। बाद में कार्यक्रम का स्थान बदलकर असम सचिवालय के सामने स्थित चौधरी टीला किया गया।
पार्टी नेताओं ने दावा किया कि मूल आयोजन स्थल की बुकिंग रद्द कराने के लिए प्रबंधन पर दबाव बनाया गया। इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम को दूसरे स्थान पर आयोजित करने की तैयारी की गई।
आशुतोष रांका समेत कई लोग हिरासत में
पुलिस कार्रवाई में CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका समेत कई नेताओं और स्वयंसेवकों को हिरासत में लिया गया। CJP की ओर से दावा किया गया कि हिरासत में लिए गए लोगों में केंद्रीय समिति के सदस्य भी शामिल थे।
रिपोर्टों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों को गुवाहाटी के काहिलीपाड़ा इलाके में स्थित असम पुलिस की 10वीं बटालियन के मुख्यालय ले जाया गया था। पुलिस की ओर से इस कार्रवाई पर तत्काल विस्तृत सार्वजनिक टिप्पणी सामने नहीं आई थी।
CJP नेताओं ने लगाए क्या आरोप?
आशुतोष रांका ने हिरासत में लिए जाने के दौरान आरोप लगाया कि पार्टी की बैठक को रोकने के लिए पुलिस कार्रवाई की गई। CJP नेताओं का कहना था कि यह बैठक शांतिपूर्ण और निजी कार्यक्रम के तौर पर आयोजित की जा रही थी।
रांका ने असम के स्कूलों की स्थिति, काजीरंगा से जुड़े स्थानीय लोगों के अधिकार और राज्य से जुड़े अन्य मुद्दों को उठाने की बात कही। हालांकि, इन बयानों और आरोपों को CJP नेताओं के दावों के रूप में देखा जाना चाहिए।
देर शाम हुई रिहाई
घटनाक्रम के बाद रविवार देर शाम आशुतोष रांका और अन्य हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद रांका ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि असम पुलिस की हिरासत समाप्त हो गई है। रांका ने यह भी कहा कि वह उसी स्थान पर अपनी बात रखेंगे, जहां से उन्हें हिरासत में लिया गया था।
विवाद के केंद्र में क्यों आया मामला?
CJP कार्यकर्ताओं की हिरासत, अभिजीत दीपके का असम जाने का ऐलान और हर्ष काकर की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। फिलहाल पूरे घटनाक्रम में CJP नेताओं के आरोप और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी रिपोर्टें सामने आई हैं। मामले के विभिन्न पक्षों की ओर से दिए गए बयानों को अलग-अलग संदर्भ में देखना जरूरी है।

