यूपी राज्यसभा चुनाव में 10 सीटों पर मुकाबला होगा। जानें BJP, SP और BSP का विधानसभा संख्या बल, सीटों का गणित और क्रॉस-वोटिंग से जुड़े संभावित समीकरण।
यूपी राज्यसभा चुनाव 2026: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव की तारीख सामने आ गई है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक इन सीटों पर 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा। नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होगी और 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होना है।
इन 10 सीटों में फिलहाल आठ बीजेपी, एक समाजवादी पार्टी और एक बहुजन समाज पार्टी के पास है। चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश की राज्यसभा में दलों का संख्याबल बदल सकता है।
10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान
राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के निर्वाचित विधायक मतदान करते हैं। चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व और सिंगल ट्रांसफरेबल वोट प्रणाली के तहत होता है। मौजूदा चुनावी गणित में एक सीट के लिए आवश्यक वोटों का कोटा करीब 37 माना जा रहा है।
इस वजह से पार्टियों के पास मौजूद विधायकों की संख्या यह तय करने में महत्वपूर्ण होगी कि वे कितने उम्मीदवारों को सुरक्षित तरीके से चुनाव मैदान में उतार सकती हैं।
BJP-NDA के सामने 8वीं सीट का गणित
मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के पास इतनी संख्या है कि गठबंधन सात सीटों के लिए आवश्यक वोट जुटा सकता है। सात उम्मीदवारों के लिए 37-37 वोट के हिसाब से 259 वोट की जरूरत होगी।
इसके बाद बचने वाले वोटों की संख्या आठवीं सीट के समीकरण में अहम हो सकती है। रिपोर्टों के मुताबिक बीजेपी-NDA के पास आठवीं सीट के लिए कुछ अतिरिक्त वोटों की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में उम्मीदवारों की संख्या और सहयोगी दलों के समर्थन के साथ-साथ निर्दलीय विधायकों की भूमिका भी चर्चा में रहेगी।
SP के लिए दो सीटों का समीकरण
समाजवादी पार्टी के पास मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर दो उम्मीदवारों को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या बताई जा रही है। सपा के साथ कांग्रेस के विधायकों को जोड़कर देखें तो विपक्षी खेमे के वोटों का आंकड़ा दो सीटों के लिए आवश्यक संख्या से ऊपर रहता है।
हालांकि, राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग और उम्मीदवारों की संख्या समीकरण को प्रभावित कर सकती है। इसलिए अंतिम तस्वीर नामांकन खत्म होने के बाद ज्यादा स्पष्ट होगी।
also read: यूपी में फिर बदलेगा मौसम: मानसून की विदाई के बीच इन इलाकों में बारिश…
क्या फिर हो सकती है क्रॉस-वोटिंग?
उत्तर प्रदेश में 2024 के राज्यसभा चुनाव के दौरान भी क्रॉस-वोटिंग और विधायकों के बागी रुख ने चुनावी समीकरण बदले थे। इस बार भी अगर किसी दल की ओर से उपलब्ध संख्या से अधिक उम्मीदवार मैदान में उतारे जाते हैं, तो मुकाबला ज्यादा दिलचस्प हो सकता है।
हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि किसी पार्टी के कितने विधायक क्रॉस-वोटिंग करेंगे। वास्तविक स्थिति उम्मीदवारों के नाम, दलों की रणनीति और मतदान के दिन विधायकों के रुख पर निर्भर करेगी।
BSP के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह चुनाव?
उत्तर प्रदेश की इन 10 सीटों में वर्तमान में एक सीट BSP के पास है। पार्टी के पास विधानसभा में राज्यसभा सीट जीतने के लिए आवश्यक संख्या नहीं है। इसलिए मौजूदा समीकरण में BSP के लिए अपनी सीट बरकरार रखना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
यदि BSP उम्मीदवार नहीं उतारती या उसके उम्मीदवार को पर्याप्त समर्थन नहीं मिलता, तो चुनाव के बाद राज्यसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व समाप्त हो सकता है।
नामांकन से लेकर मतदान तक पूरा शेड्यूल
- 29 सितंबर 2026: चुनाव की अधिसूचना और नामांकन शुरू
- 6 अक्टूबर: नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख
- 7 अक्टूबर: नामांकन पत्रों की जांच
- 9 अक्टूबर: नाम वापस लेने की अंतिम तारीख
- 16 अक्टूबर: मतदान और मतगणना
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार मतदान 16 अक्टूबर को होगा और उसी दिन मतगणना भी की जाएगी।
क्या कहता है पूरा चुनावी गणित?
फिलहाल उपलब्ध आंकड़ों में BJP-NDA के लिए सात सीटों का समीकरण मजबूत दिखाई देता है, जबकि आठवीं सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन की जरूरत पड़ सकती है। वहीं SP के पास दो सीटों के लिए आवश्यक संख्या मौजूद है। BSP के सामने अपनी मौजूदा सीट बचाने के लिए पर्याप्त विधानसभा समर्थन जुटाना चुनौती होगी।
फिर भी अंतिम परिणाम केवल मौजूदा संख्या बल से तय नहीं होगा। उम्मीदवारों की संख्या, गठबंधन का रुख, निर्दलीय विधायकों का समर्थन और मतदान के दौरान क्रॉस-वोटिंग जैसे कारक अंतिम परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं।

