MCD स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलाव से कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और पात्र लाभार्थियों को कैशलेस इलाज व CGHS दरों पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अपने स्वास्थ्य पैनल से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव किए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य निगम के कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और अन्य पात्र लाभार्थियों के लिए उपचार की सुविधा को अधिक आसान बनाना है। MCD की ओर से निजी अस्पतालों, आई सेंटर, डेंटल क्लीनिक और डायग्नोस्टिक सेंटरों को पैनल में शामिल करने की व्यवस्था के तहत पात्र लाभार्थियों को निर्धारित CGHS दरों पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
नई व्यवस्था में कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए कैशलेस उपचार से जुड़े प्रावधानों को शामिल किया गया है। वहीं, पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए कैशलेस इन-पेशेंट उपचार की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश भी MCD की ओर से जारी किए गए हैं।
किन लोगों को मिलेगा स्वास्थ्य नीति का लाभ?
MCD की स्वास्थ्य सुविधाओं के दायरे में निगम के पात्र कर्मचारी, उनके आश्रित, पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी शामिल हैं। MCD ने निजी अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के पैनल के जरिए इन लाभार्थियों को उपचार एवं जांच की सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।
इस व्यवस्था का लाभ उन्हीं लोगों को मिलेगा जो संबंधित MCD स्वास्थ्य योजना के नियमों के तहत पात्र होंगे।
पैनल अस्पतालों में मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा
MCD की ओर से पैनल में शामिल अस्पतालों को पात्र पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को कैशलेस IPD यानी अस्पताल में भर्ती होकर इलाज की सुविधा देने के निर्देश दिए गए हैं।
फरवरी 2026 में जारी MCD के एक सर्कुलर में कहा गया था कि पात्र कार्डधारकों को कैशलेस इन-पेशेंट उपचार उपलब्ध कराया जाना चाहिए। अस्पताल द्वारा इस सुविधा से इनकार करने या भर्ती से पहले पैसे जमा कराने की स्थिति को MCD ने गंभीरता से लिया था।
CGHS दरों पर इलाज और जांच
MCD की पैनल व्यवस्था में शामिल निजी अस्पतालों, आई सेंटर, डेंटल क्लीनिक और डायग्नोस्टिक सेंटरों के जरिए पात्र लाभार्थियों को निर्धारित CGHS दरों पर इलाज और जांच की सुविधा देने का प्रावधान है।
इससे लाभार्थियों को पैनल में शामिल स्वास्थ्य संस्थानों पर निर्धारित दरों के अनुसार सेवाएं प्राप्त करने की सुविधा मिलती है।
वरिष्ठ लाभार्थियों के लिए रेफरल से जुड़ी सुविधा
MCD की उपलब्ध नीति व्यवस्था में वरिष्ठ आयु वाले नगरपालिका लाभार्थियों के लिए विशेषज्ञ से सीधे OPD परामर्श का प्रावधान भी दर्ज है। पुराने MCD समझौते के अनुसार 75 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले पात्र नगरपालिका लाभार्थी पैनल में शामिल निजी स्वास्थ्य संस्थानों में बिना MCD स्वास्थ्य इकाई के रेफरल के विशेषज्ञ से परामर्श ले सकते थे।
हालांकि, अलग-अलग सुविधाओं के लिए लागू आयु सीमा और मौजूदा नियमों की पुष्टि संबंधित MCD आदेश से करना जरूरी है।
दिल्ली से बाहर रहने वाले लाभार्थियों के लिए क्या व्यवस्था है?
MCD की स्वास्थ्य योजनाओं में पात्र लाभार्थियों के लिए दिल्ली के बाहर उपचार से संबंधित नियम भी लागू हो सकते हैं। ऐसे मामलों में इलाज और खर्च की प्रतिपूर्ति योजना के निर्धारित नियमों, अस्पताल की श्रेणी और लागू CGHS दरों के आधार पर तय की जा सकती है।
इसलिए दिल्ली से बाहर इलाज कराने से पहले लाभार्थियों को संबंधित MCD विभाग से मौजूदा reimbursement नियमों की जानकारी लेनी चाहिए।
MCD ने पैनल में शामिल किए स्वास्थ्य संस्थान
MCD समय-समय पर निजी अस्पतालों, आई सेंटर, डेंटल क्लीनिक और डायग्नोस्टिक सेंटरों को अपने स्वास्थ्य पैनल में शामिल करता है। मार्च 2026 में जारी एक MCD सर्कुलर में 216 निजी स्वास्थ्य संस्थानों के empanelment को लेकर जानकारी दी गई थी।
पैनल में शामिल संस्थानों की सूची और उनकी स्वीकृत सेवाओं की जानकारी MCD द्वारा जारी आधिकारिक दस्तावेजों में उपलब्ध कराई जाती है।
लाभार्थियों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
स्वास्थ्य सुविधा लेने से पहले पात्र लाभार्थियों को अपने MCD स्वास्थ्य कार्ड/पहचान पत्र, रेफरल और अन्य आवश्यक दस्तावेजों से जुड़े नियमों की जांच कर लेनी चाहिए। आपात स्थिति और सामान्य उपचार के नियम अलग हो सकते हैं।
इसके अलावा, अस्पताल जाने से पहले यह देखना जरूरी है कि संबंधित अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र उस समय MCD के पैनल में शामिल है या नहीं, क्योंकि empanelment की स्थिति समय-समय पर बदल सकती है। MCD ने कुछ स्वास्थ्य संस्थानों का empanelment निलंबित भी किया है।
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए क्या बदलेगा?
स्वास्थ्य पैनल की व्यवस्था में बदलाव का मुख्य उद्देश्य पात्र MCD लाभार्थियों को पैनल अस्पतालों में उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है। कर्मचारियों, उनके आश्रितों और पेंशनभोगियों के लिए कैशलेस उपचार तथा CGHS दरों से जुड़े प्रावधानों के कारण अस्पताल में इलाज कराने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकती है।

