यूपी में 24 से 27 सितंबर तक भारी बारिश, आंधी और वज्रपात का अलर्ट है। जानें पूर्वी और पश्चिमी यूपी के मौसम का ताजा अपडेट।
उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक राज्य के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में बारिश और गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 से 27 सितंबर तक भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। वहीं पश्चिमी यूपी में 25 से 27 सितंबर के दौरान भारी बारिश तथा आंधी-तूफान जैसी स्थिति बन सकती है।
मौसम में यह बदलाव ऐसे समय हो रहा है जब मानसून की वापसी की परिस्थितियां भी बन रही हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का असर अलग-अलग दिखाई दे सकता है।
22 और 23 सितंबर को कैसा रहेगा मौसम?
IMD की 21 सितंबर की चेतावनी के अनुसार 22 और 23 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसके बाद 24 सितंबर से पूर्वी यूपी में मौसम सक्रिय होने का अनुमान है।
इस दौरान स्थानीय स्तर पर बादल या हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन भारी बारिश की चेतावनी मुख्य रूप से 24 सितंबर के बाद प्रभावी है।
पूर्वी यूपी में 24 से 27 सितंबर तक बारिश का अलर्ट
पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। IMD के अनुसार 24, 25 और 26 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। 27 सितंबर को भी भारी बारिश की चेतावनी दर्ज की गई है।
वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़ समेत पूर्वी यूपी के कई जिलों में रहने वाले लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
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पश्चिमी यूपी में भी बदलेगा मौसम
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 24 सितंबर को फिलहाल भारी बारिश की चेतावनी नहीं है, लेकिन 25 से 27 सितंबर के बीच भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान है।
सहारनपुर, बिजनौर, मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में मौसम की गतिविधियों में बदलाव देखने को मिल सकता है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
आंधी और बिजली चमकने का भी खतरा
बारिश के साथ कुछ इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने जैसी मौसम संबंधी घटनाएं भी हो सकती हैं। पूर्वी यूपी के लिए 24 से 26 सितंबर तक भारी बारिश के साथ थंडरस्टॉर्म और स्क्वॉल जैसी स्थितियों की चेतावनी दी गई है। पश्चिमी यूपी के लिए भी 25 से 27 सितंबर के दौरान इसी तरह की चेतावनी दर्ज है।
ऐसे मौसम में खुले स्थानों पर रहना जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करना जरूरी है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए किसानों को अपनी फसलों और कृषि उपकरणों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। खेतों में पानी जमा होने की स्थिति और तेज हवा से फसलों को होने वाले संभावित नुकसान को देखते हुए स्थानीय कृषि विभाग की सलाह पर अमल करना उपयोगी रहेगा।
किसानों को मौसम की ताजा जानकारी के लिए IMD और स्थानीय प्रशासन के अपडेट नियमित रूप से देखते रहना चाहिए।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
खराब मौसम के दौरान आम लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए:
- बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान में जाने से बचें।
- आंधी के समय पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर ढांचों से दूर रहें।
- बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की कोशिश करें।
- बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षित और पक्के स्थान पर रहें।
- मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों को नजरअंदाज न करें।
- यात्रा से पहले अपने क्षेत्र का ताजा मौसम अपडेट जरूर देख लें।
मानसून की वापसी की भी तैयारी
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनने लगी हैं। इसके बावजूद अगले कुछ दिनों में राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
इसलिए मानसून की वापसी शुरू होने के बावजूद यूपी के लोगों को सितंबर के आखिरी सप्ताह में बदलते मौसम के लिए तैयार रहना चाहिए।

