सिलीगुड़ी में लघु उद्योग भारती कार्यक्रम में MSME की भूमिका पर जोर, आत्मनिर्भर भारत और डबल इंजन सरकार से औद्योगिक विकास की उम्मीद।
पश्चिम बंगाल के Siliguri में ‘लघु उद्योग भारती’ के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया। इस कार्यक्रम में उद्यमियों और व्यापार जगत से जुड़े कई प्रतिनिधियों ने भाग लिया और देश के औद्योगिक विकास में लघु उद्योगों के योगदान पर चर्चा की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि देश के पुनर्निर्माण और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को हासिल करने में छोटे उद्योगों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। Laghu Udyog Bharati जैसे संगठन उद्यमियों को एक मंच प्रदान करते हैं, जिससे वे अपने अनुभव साझा कर सकें और नई संभावनाओं की तलाश कर सकें।
इस दौरान Aatmanirbhar Bharat अभियान का भी उल्लेख किया गया, जिसके तहत देश में स्वदेशी उत्पादन और उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि छोटे उद्योग न केवल रोजगार सृजन करते हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में Narendra Modi के नेतृत्व में हो रहे औद्योगिक विकास का भी जिक्र किया गया। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में डबल इंजन सरकार के मॉडल के तहत तेजी से औद्योगिक प्रगति देखने को मिली है, जहां केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकास कार्यों को गति दे रही हैं।
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राजस्थान का उदाहरण देते हुए बताया गया कि वहां डबल इंजन सरकार के कारण उद्योगों में नई ऊर्जा आई है और निवेश के अवसर तेजी से बढ़े हैं। इसी तर्ज पर पश्चिम बंगाल में भी यदि डबल इंजन सरकार आती है, तो औद्योगिक विकास को नई दिशा और गति मिल सकती है।
कार्यक्रम में मौजूद उद्यमियों ने भी अपने विचार साझा किए और कहा कि सरकार की नीतियों के साथ मिलकर काम करने से छोटे उद्योगों को और अधिक मजबूती मिल सकती है। उन्होंने बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, आसान नियम और वित्तीय सहायता की जरूरत पर भी जोर दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि MSME सेक्टर भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसके सशक्त होने से ही देश आत्मनिर्भर बन सकता है। सिलीगुड़ी जैसे व्यापारिक केंद्र में इस तरह के कार्यक्रम उद्योगों के विकास को नई दिशा देने में सहायक साबित होते हैं।
कुल मिलाकर, ‘लघु उद्योग भारती’ का यह स्थापना दिवस कार्यक्रम न केवल उद्यमियों के लिए प्रेरणादायक रहा, बल्कि इसने यह भी संकेत दिया कि छोटे उद्योगों के जरिए देश के आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

