IPL 2026 में जसप्रीत बुमराह अब तक एक भी विकेट नहीं ले सके, जानिए उनकी खराब फॉर्म और रणनीति में बदलाव की असली वजह।
आईपीएल 2026 में क्रिकेट फैंस के लिए सबसे चौंकाने वाली बात अगर कोई रही है, तो वह है जसप्रीत बुमराह का प्रदर्शन। दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में गिने जाने वाले बुमराह इस सीजन में अब तक एक भी विकेट नहीं ले सके हैं, जिसने न सिर्फ फैंस बल्कि टीम मैनेजमेंट को भी हैरान कर दिया है। मुंबई इंडियंस के इस स्टार गेंदबाज ने पांच मैच खेल लिए हैं, लेकिन उनका विकेट कॉलम अब भी खाली है।
बुमराह ने इस सीजन में पंजाब किंग्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, राजस्थान रॉयल्स, दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी टीमों के खिलाफ गेंदबाजी की है। इन मुकाबलों में उन्होंने कुल 164 रन खर्च किए हैं और उनकी इकोनॉमी 8.63 रही है। हालांकि टी20 के लिहाज से यह इकोनॉमी बहुत खराब नहीं मानी जाती, लेकिन बुमराह जैसे स्ट्राइक बॉलर से विकेट लेने की उम्मीद सबसे ज्यादा होती है, जो इस बार पूरी तरह नदारद रही है।
बुमराह के इस प्रदर्शन का असर टीम पर भी साफ दिखाई दे रहा है। मुंबई इंडियंस इस सीजन में लगातार हार का सामना कर रही है और अंक तालिका में निचले पायदान पर पहुंच गई है। आमतौर पर बुमराह ऐसे गेंदबाज रहे हैं जो मैच का रुख पलट देते हैं, लेकिन इस बार बल्लेबाज उनके खिलाफ काफी आत्मविश्वास के साथ खेलते नजर आ रहे हैं।
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विश्लेषण में सामने आया है कि बल्लेबाजों की अप्रोच में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां बुमराह के खिलाफ बल्लेबाज संभलकर खेलते थे, वहीं अब वे शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाते हैं। इसका सीधा असर बुमराह की विकेट लेने की क्षमता पर पड़ा है, क्योंकि दबाव बनाने का उनका सबसे बड़ा हथियार कमजोर पड़ गया है।
इसके अलावा उनकी गेंदबाजी रणनीति में भी बदलाव देखने को मिला है। इस सीजन बुमराह अपनी करीब 44 प्रतिशत गेंदें स्लोअर डिलीवरी के रूप में डाल रहे हैं, जिससे उनकी औसत गति घटकर करीब 130 किमी/घंटा रह गई है। ज्यादा स्लोअर गेंदें डालने के कारण बल्लेबाज पहले से तैयार रहते हैं और उन्हें खेलने में आसानी होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बुमराह अपनी गति और वैरिएशन के बीच सही संतुलन बनाते हैं, तो उनकी स्लोअर बॉल और भी खतरनाक साबित हो सकती है।
फिलहाल बुमराह की फॉर्म चिंता का विषय जरूर है, लेकिन उनकी क्षमता पर किसी को संदेह नहीं है। क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि एक बार लय मिलने के बाद बुमराह फिर से अपने पुराने अंदाज में वापसी कर सकते हैं। अब देखना होगा कि आगामी मैचों में वह अपनी रणनीति में बदलाव कर टीम को जीत की राह पर वापस ला पाते हैं या नहीं।

