पंजाब में मातृ-धन सम्मान योजना 2026 की शुरुआत, सूनाम से रजिस्ट्रेशन शुरू कर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर।
पंजाब सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘मातृ-धन सम्मान योजना 2026’ की शुरुआत की है। इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ राज्य के वित्त एवं कैबिनेट मंत्री Aman Arora ने संगरूर जिले के सूनाम में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत के साथ किया। इस पहल को राज्य में महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
योजना के शुभारंभ अवसर पर मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि मातृ-धन सम्मान योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की माताओं और बहनों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस योजना को इस प्रकार तैयार किया है कि कोई भी पात्र महिला इसके लाभ से वंचित न रह सके।
इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को अत्यंत सरल और सहज बनाया गया है। महिलाओं को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि वे अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्रों पर जाकर आसानी से पंजीकरण करवा सकेंगी। इसके साथ ही ‘सखी’ वॉलंटियर्स की नियुक्ति की गई है, जो महिलाओं को पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करेंगे।
सरकार का लक्ष्य है कि मातृ-धन सम्मान योजना 2026 का लाभ राज्य के हर गांव और हर घर तक पहुंचे। इसके लिए आंगनवाड़ी नेटवर्क, फील्ड वर्कर्स और स्थानीय प्रशासन की मदद से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकें।
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विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाती हैं, बल्कि समाज में उनकी भागीदारी और आत्मविश्वास को भी बढ़ाती हैं। इससे परिवार और समाज दोनों स्तर पर सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।
कार्यक्रम के दौरान यह भी कहा गया कि पंजाब सरकार ‘वाइब्रेंट पंजाब’ के निर्माण के लिए लगातार जनकल्याणकारी योजनाएं लागू कर रही है, जिनका सीधा लाभ आम जनता तक पहुंच रहा है। महिलाओं के सशक्तिकरण को इस विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, मातृ-धन सम्मान योजना 2026 राज्य में महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक अहम पहल साबित हो सकती है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करेगी, बल्कि महिलाओं को समाज में एक मजबूत और सम्मानजनक स्थान दिलाने में भी मददगार साबित होगी।

