हरियाणा के चिब्बा और मछरौली में किसान गोष्ठी आयोजित हुई। किसानों को सरकारी योजनाओं, गन्ने की आधुनिक तकनीकों और 3,000 से 5,000 रुपये प्रति एकड़ अनुदान की जानकारी दी गई।
हरियाणा के गांव चिब्बा और मछरौली में किसान गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें किसानों को सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं और गन्ने की खेती से जुड़ी आधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई। भूमि सुधार एवं विकास निगम के अध्यक्ष गुरनाम सिंह सैनी ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए किसान हितैषी योजनाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक लाभ पहुंचाने और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
किसानों को सरकारी योजनाओं के लाभ बताए
गोष्ठी के दौरान गुरनाम सिंह सैनी ने किसानों को सरकार की कृषि संबंधी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हरियाणा में अधिकतर फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की व्यवस्था किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। इससे किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलती है।
कार्यक्रम में किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और खेती से संबंधित नई जानकारियों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।
गन्ने की खेती की नई तकनीकों पर हुई चर्चा
किसान गोष्ठी की अध्यक्षता सहायक गन्ना अधिकारी बलजिंद्र सिंह ने की। इस दौरान गन्ना तकनीकी परियोजना के तहत गन्ने की खेती को बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा की गई। किसानों को फसल में लगने वाले कीटों और बीमारियों की पहचान, उनके प्रबंधन तथा आधुनिक खेती तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई।
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इन तकनीकों पर किसानों को मिल सकती है सब्सिडी
गोष्ठी में किसानों को गन्ने की खेती से जुड़ी विभिन्न तकनीकों और उनके लिए उपलब्ध अनुदान के बारे में बताया गया। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
चौड़ा कूड़ विधि: गन्ने की बुवाई की ऐसी तकनीक, जिसमें फसल प्रबंधन और खेत में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने पर ध्यान दिया जाता है।
- सिंगल बड तकनीक: गन्ने की एक आंख वाले टुकड़े से पौधे तैयार करने की विधि।
- एमएचएटी सीड नर्सरी: गन्ने के पौध तैयार करने की तकनीक से जुड़ी व्यवस्था।
- रैटून मैनेजमेंट: गन्ने की कटाई के बाद उसी खेत में दोबारा उगने वाली फसल की उचित देखभाल और प्रबंधन।
कार्यक्रम में इन तकनीकों से संबंधित योजनाओं के तहत किसानों को 3,000 से 5,000 रुपये प्रति एकड़ तक अनुदान मिलने की जानकारी दी गई। हालांकि, अनुदान की वास्तविक राशि संबंधित योजना, पात्रता और लागू नियमों पर निर्भर कर सकती है।
आधुनिक खेती अपनाने के लिए किसानों को किया जागरूक
किसान गोष्ठी का उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं, कृषि तकनीकों और गन्ने की फसल के बेहतर प्रबंधन के प्रति जागरूक करना था। ऐसी गोष्ठियों के माध्यम से किसानों को खेती में नई विधियां अपनाने, उत्पादन सुधारने और उपलब्ध सरकारी सहायता की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलता है। किसानों को सलाह दी गई कि किसी भी योजना का लाभ लेने से पहले संबंधित कृषि या गन्ना विभाग से पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की पुष्टि करें।

