विशेष अभियान 6 के तहत अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत 764 वरिष्ठ नागरिक गृहों में सफाई, कचरा प्रबंधन और पौधरोपण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
केंद्र सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित आवासीय संस्थानों में साफ-सफाई, बेहतर कचरा प्रबंधन और हरित वातावरण को बढ़ावा देने की पहल की है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग की ओर से विशेष अभियान 6 के तहत अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY) के अंतर्गत सहायता प्राप्त 764 वरिष्ठ नागरिक गृहों को स्वच्छता संबंधी गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों को स्वच्छ, सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना है।
अभियान की थीम ‘स्वच्छता से सम्मान, हर वर्ग का उत्थान’ रखी गई है। इसके तहत वरिष्ठ नागरिक गृहों में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने, अनुपयोगी सामान हटाने, कचरे का उचित निपटान करने और हरियाली बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही, इन गतिविधियों में बुजुर्गों, कर्मचारियों और देखभाल करने वालों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
अटल वयो अभ्युदय योजना के तहत 764 वरिष्ठ नागरिक गृहों में पहल
सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने एकीकृत वरिष्ठ नागरिक कार्यक्रम (IPSrC) के अंतर्गत सहायता प्राप्त सभी 764 वरिष्ठ नागरिक गृहों को स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। यह कार्यक्रम अटल वयो अभ्युदय योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और सम्मानजनक जीवन को बढ़ावा देना है।
विभाग की इस पहल के जरिए वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ संस्थानों में साफ-सफाई को नियमित व्यवस्था का हिस्सा बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
अभियान का उद्देश्य केवल परिसरों की सफाई तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से संस्थानों में व्यवस्थित रखरखाव, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और स्वच्छता से जुड़ी अच्छी आदतों को दैनिक जीवन में शामिल करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
कमरों से लेकर रसोई और भोजन कक्ष तक होगी साफ-सफाई
विशेष अभियान 6 के तहत वरिष्ठ नागरिक गृहों के विभिन्न हिस्सों में सफाई और रखरखाव संबंधी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इनमें आवासीय कमरे, गलियारे, रसोईघर, भोजन कक्ष, मनोरंजन स्थल और अन्य साझा सुविधाएं शामिल हैं।
इसके अलावा, संस्थानों के रास्तों और आसपास के क्षेत्रों की सफाई करने, सूखी पत्तियों, खरपतवार और अन्य कचरे को हटाने पर भी जोर दिया गया है। कचरे को उचित तरीके से इकट्ठा करने, अलग-अलग श्रेणियों में बांटने और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार उसका निपटान करने की सलाह दी गई है।
इन प्रयासों का मकसद वरिष्ठ नागरिकों के रहने की जगह को स्वच्छ रखने के साथ उनके लिए सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण तैयार करना है।
अनावश्यक सामान हटाकर रास्तों को बनाया जाएगा सुरक्षित
वरिष्ठ नागरिक गृहों को अपने परिसरों में लंबे समय से रखी अनुपयोगी वस्तुओं और अनावश्यक सामान को हटाने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है। इसके साथ ही भंडारण स्थलों को व्यवस्थित करने और आने-जाने वाले रास्तों को साफ रखने पर जोर दिया गया है।
इस तरह के उपाय विशेष रूप से बुजुर्गों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। साफ और खुले रास्तों से उन्हें परिसर में आने-जाने में सुविधा मिल सकती है। साथ ही, व्यवस्थित भंडारण से साझा स्थानों का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है।
विभाग का जोर इस बात पर है कि स्वच्छता से जुड़ी व्यवस्थाएं अभियान की अवधि तक ही सीमित न रहें, बल्कि संस्थानों के नियमित प्रबंधन का हिस्सा बनें।
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पौधरोपण और हरित क्षेत्रों के रखरखाव पर भी जोर
स्वच्छता अभियान में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने से जुड़ी गतिविधियों को भी शामिल किया गया है। वरिष्ठ नागरिक गृहों में पौधरोपण, बगीचों की देखभाल और हरित क्षेत्रों के रखरखाव के माध्यम से परिसर को अधिक स्वच्छ और सुखद बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
हरित वातावरण वरिष्ठ नागरिकों के रहने की जगह को बेहतर बनाने में योगदान दे सकता है। इसके साथ ही, ऐसी गतिविधियां निवासियों और कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने तथा साझा स्थानों की देखभाल की जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
स्वच्छता अभियान में बुजुर्गों की भागीदारी को भी महत्व
इस पहल की एक महत्वपूर्ण विशेषता वरिष्ठ नागरिकों को अभियान से जोड़ना है। विभाग की ओर से निवासियों, कर्मचारियों और कार्यान्वयन एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया गया है।
वरिष्ठ नागरिकों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति, शारीरिक क्षमता और व्यक्तिगत सुविधा के अनुसार स्वच्छता, बागवानी और परिसर को बेहतर बनाने वाली गतिविधियों में शामिल किया जा सकता है। इससे उनमें सामुदायिक सहभागिता और साझा जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहन मिलता है।
हालांकि, इन गतिविधियों में बुजुर्गों की भागीदारी उनकी सुरक्षा और क्षमता को ध्यान में रखकर ही सुनिश्चित की जानी चाहिए। अभियान का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी डालना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने में सहभागी बनाना है।
विशेष अभियान 6 के बाद भी जारी रहेंगी स्वच्छता संबंधी गतिविधियां
सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग वरिष्ठ नागरिक गृहों में अभियान के दौरान अपनाई गई अच्छी प्रथाओं को आगे भी जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इसके तहत नियमित सफाई, कचरे का उचित प्रबंधन, अनावश्यक वस्तुओं को समय-समय पर हटाना और हरित क्षेत्रों की देखभाल को संस्थानों की नियमित कार्यप्रणाली में शामिल करने पर जोर दिया जाएगा।
प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) के समन्वय से संचालित विशेष अभियान 6 का व्यापक उद्देश्य सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में स्वच्छता को बढ़ावा देना, सार्वजनिक स्थानों का बेहतर प्रबंधन करना और लंबित मामलों को कम करने की दिशा में काम करना है।
वरिष्ठ नागरिक गृहों में इस पहल का विशेष महत्व है, क्योंकि यहां रहने वाले बुजुर्गों को देखभाल, सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं की जरूरत होती है।
अटल वयो अभ्युदय योजना का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों का कल्याण
अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत एकीकृत वरिष्ठ नागरिक कार्यक्रम पात्र कार्यान्वयन एजेंसियों को वरिष्ठ नागरिकों के लिए संस्थागत देखभाल और जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता प्रदान करता है। इसका विशेष महत्व उन बुजुर्गों के लिए है, जिन्हें नियमित देखभाल, सुरक्षा और सहायता की आवश्यकता होती है।
स्वच्छता अभियान इसी व्यापक उद्देश्य को आगे बढ़ाने का प्रयास है। स्वच्छ परिसर, व्यवस्थित कचरा प्रबंधन और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था बुजुर्गों के आराम, सुरक्षा और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने में सहायक हो सकती है।
देशभर के 764 वरिष्ठ नागरिक गृहों को इस अभियान से जोड़कर सरकार संस्थागत देखभाल में स्वच्छता, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सम्मानजनक जीवन के महत्व को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

