छिंदवाड़ा में मखाना की खेती के लिए 2026-27 में 6 हेक्टेयर का लक्ष्य तय। किसानों को खेती, तालाब निर्माण और हार्वेस्टिंग सामग्री पर मिलेगा अनुदान।
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि के नए विकल्प विकसित करने के लिए मखाना की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार की ‘सेंट्रल सेक्टर स्कीम फॉर डेवलपमेंट ऑफ मखाना’ के तहत विभिन्न गतिविधियों के लक्ष्य तय किए हैं। योजना के माध्यम से मखाना उत्पादन, नर्सरी विकास और नए तालाबों के निर्माण जैसी गतिविधियों के लिए पात्र किसानों को अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।
विभाग ने योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसानों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। निर्धारित प्रावधानों के तहत तालाब और खेत में मखाना उत्पादन के साथ-साथ आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए भी किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
मखाना की खेती के लिए किसानों को मिलेगा अनुदान
उप संचालक उद्यानिकी छिंदवाड़ा एम.एल. उइके के अनुसार, जिले में मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए योजना के अंतर्गत कई घटकों में लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इनमें तालाब में मखाना की खेती, खेत में मखाना उत्पादन, नर्सरी विकास और नवीन तालाब निर्माण शामिल हैं।
इसके अलावा, मखाना की फसल में एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (INM) और एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) तकनीकों को अपनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इन उपायों का उद्देश्य उत्पादन प्रक्रिया को बेहतर बनाना और किसानों को वैकल्पिक कृषि गतिविधियों से जोड़ना है।
तालाब में मखाना उत्पादन के लिए 3 हेक्टेयर का लक्ष्य
योजना के तहत तालाब में नर्सरी सहित मखाना उत्पादन करने वाले किसानों के लिए कुल 3 हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य का वर्गवार विवरण इस प्रकार है:
- सामान्य वर्ग: 1.750 हेक्टेयर
- अनुसूचित जनजाति वर्ग: 1.000 हेक्टेयर
- अनुसूचित जाति वर्ग: 0.250 हेक्टेयर
इस घटक के अंतर्गत पात्र किसानों को 71,600 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान देने का प्रावधान है। इससे तालाब आधारित मखाना उत्पादन शुरू करने के इच्छुक किसानों को आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
खेत में मखाना की खेती के लिए भी 3 हेक्टेयर निर्धारित
तालाब आधारित उत्पादन के अतिरिक्त, खेत में मखाना की खेती और नर्सरी विकास को बढ़ावा देने के लिए भी 3 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है।
इसमें सामान्य वर्ग के लिए 1.750 हेक्टेयर, अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 1.000 हेक्टेयर और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 0.250 हेक्टेयर क्षेत्र निर्धारित किया गया है।
इस घटक में पात्र किसानों को 52,800 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा। इस पहल से जिले के किसान मखाना उत्पादन को अपनी कृषि गतिविधियों में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित हो सकते हैं।
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नया तालाब बनाने पर 2.80 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान
मखाना उत्पादन के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं को विकसित करने के उद्देश्य से नवीन तालाब निर्माण के लिए भी सहायता का प्रावधान किया गया है। इस घटक के तहत जिले को 0.800 हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है।
वर्गवार लक्ष्य के अनुसार, सामान्य वर्ग के लिए 0.600 हेक्टेयर और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 0.200 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है।
नवीन तालाब निर्माण के लिए पात्र किसानों को 2,80,000 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। यह सहायता मखाना उत्पादन के लिए नई सुविधाएं विकसित करने में उपयोगी हो सकती है।
मखाना की कटाई के उपकरण पर भी मिलेगी आर्थिक सहायता
योजना के अंतर्गत पारंपरिक गांज हार्वेस्टिंग सामग्री के लिए भी प्रावधान किया गया है। इस मद में सामान्य वर्ग के लिए एक इकाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस उपकरण की निर्धारित लागत 3,200 रुपये है, जिस पर 50 प्रतिशत अनुदान देने का प्रावधान है। इससे पात्र लाभार्थियों को पारंपरिक तरीके से मखाना की कटाई के लिए आवश्यक सामग्री प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
मखाना योजना का लाभ लेने के लिए कहां करें संपर्क?
उद्यानिकी विभाग ने छिंदवाड़ा जिले के इच्छुक किसानों से योजना के अंतर्गत आवेदन करने की अपील की है। किसान अपने विकासखंड के वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी या ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी से संपर्क करके योजना के विभिन्न घटकों, पात्रता शर्तों और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
पंजीयन और निर्धारित औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पात्रता के अनुसार अनुदान का लाभ मिल सकेगा। किसानों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने से पहले संबंधित अधिकारी से उपलब्ध लक्ष्य, आवश्यक दस्तावेज और वर्तमान आवेदन प्रक्रिया की पुष्टि कर लें।
किसानों के लिए आय बढ़ाने का नया अवसर
छिंदवाड़ा जिले में मखाना की खेती को प्रोत्साहन देने की यह पहल किसानों के लिए कृषि के नए विकल्प विकसित करने का अवसर प्रदान करती है। तालाब निर्माण, उत्पादन तकनीक और कटाई सामग्री पर सहायता मिलने से इच्छुक किसान इस फसल की संभावनाओं का लाभ उठा सकते हैं।
उद्यानिकी विभाग की इस योजना का उद्देश्य जिले में मखाना उत्पादन का विस्तार करना और किसानों को विविध कृषि गतिविधियों से जोड़ना है। पात्र किसान निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर योजना में शामिल हो सकते हैं।

