DST और MOST की नई वेबसाइट लॉन्च हुई। अब विद्यार्थी और शोधकर्ता 22 भाषाओं में विज्ञान, रिसर्च ग्रांट, फेलोशिप और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विज्ञान से जुड़ी जानकारी को आम नागरिकों तक आसानी से पहुंचाने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) और संबंधित मंत्रालय की पुनर्विकसित आधिकारिक वेबसाइटों का शुभारंभ किया। इन डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप संचालकों और आम लोगों को वैज्ञानिक योजनाओं, रिसर्च ग्रांट, फेलोशिप तथा अन्य अवसरों की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है।
नई वेबसाइटों को अधिक सुविधाजनक, बहुभाषी और दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाया गया है। इनमें भाषिणी तकनीक के माध्यम से 22 भाषाओं में जानकारी प्राप्त करने की सुविधा दी गई है। साथ ही, मोबाइल, टैबलेट और कंप्यूटर पर वेबसाइट का इस्तेमाल करना भी आसान होगा।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया नई वेबसाइटों का शुभारंभ
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की पुनर्विकसित वेबसाइटों www.dst.gov.in और www.most.gov.in को लॉन्च किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नई वेबसाइटें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नागरिक-केंद्रित शासन के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाती हैं। इनका प्रमुख उद्देश्य वैज्ञानिक जानकारी को देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों के लिए अधिक सुलभ और उपयोगी बनाना है।
मंत्री ने विज्ञान को आम जनता से जोड़ने के लिए ‘जनता द्वारा विज्ञान, जनता के लिए विज्ञान’ के सिद्धांत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान और उद्योग जगत के बीच तकनीकी जानकारी का आदान-प्रदान भी आसान हो सकता है।
कार्यक्रम में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रो. उमेश वी. वाघमारे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और वेबसाइट के विकास से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे।
22 भाषाओं में मिलेगी वैज्ञानिक जानकारी
नई वेबसाइटों की सबसे प्रमुख विशेषताओं में भाषिणी तकनीक का एकीकरण शामिल है। इसकी मदद से विभिन्न भाषाई पृष्ठभूमि वाले नागरिकों तक विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जुड़ी जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
इस सुविधा से उन विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को भी लाभ मिल सकता है, जिन्हें अंग्रेजी में उपलब्ध तकनीकी जानकारी समझने में कठिनाई होती है।
वेबसाइटों में उपयोगकर्ताओं की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई सुगम्यता सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं। इनमें शामिल हैं:
- अक्षरों का आकार छोटा या बड़ा करने की सुविधा।
- बेहतर पठनीयता के लिए हाई-कॉन्ट्रास्ट डिस्प्ले मोड।
- लिंक को स्पष्ट रूप से हाइलाइट करने का विकल्प।
- अक्षरों और पंक्तियों के बीच दूरी समायोजित करने की सुविधा।
- स्क्रीन रीडर के अनुकूल वेबसाइट का उपयोग।
- मोबाइल, टैबलेट और डेस्कटॉप पर बेहतर अनुभव।
इन सुविधाओं का उद्देश्य दिव्यांगजनों सहित सभी उपयोगकर्ताओं के लिए सरकारी विज्ञान संबंधी जानकारी तक पहुंच आसान बनाना है।
रिसर्च ग्रांट और फेलोशिप की जानकारी मिलेगी एक जगह
नई DST वेबसाइट पर विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, शिक्षण संस्थानों, नवाचारकर्ताओं और स्टार्टअप्स के लिए उपयोगी जानकारियों को व्यवस्थित किया गया है।
अब उपयोगकर्ता विभाग की विभिन्न योजनाओं, अनुसंधान एवं विकास के लिए वित्तीय सहायता, फेलोशिप, पुरस्कार और प्रस्ताव आमंत्रण से संबंधित जानकारी आसानी से खोज सकेंगे।
वेबसाइट पर उपलब्ध प्रमुख जानकारियों में शामिल हैं:
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से संबंधित सरकारी योजनाएं।
- रिसर्च ग्रांट और अनुसंधान वित्तपोषण के अवसर।
- विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए फेलोशिप।
- पुरस्कार और सम्मान से जुड़ी सूचनाएं।
- आवेदन फॉर्म और प्रस्ताव आमंत्रण।
- पात्रता मानदंड और आवेदन संबंधी दिशानिर्देश।
- योजनाओं के परिणाम और आधिकारिक अधिसूचनाएं।
इससे अलग-अलग वेबपेजों पर जानकारी खोजने में लगने वाला समय कम हो सकता है और इच्छुक आवेदकों को संबंधित अवसरों तक पहुंचने में आसानी होगी।
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सरकारी दस्तावेजों के लिए बनाया गया केंद्रीकृत भंडार
वेबसाइटों पर एक केंद्रीकृत दस्तावेज भंडार भी उपलब्ध कराया गया है। यहां उपयोगकर्ताओं को नीतिगत दस्तावेज, दिशा-निर्देश, सरकारी अधिसूचनाएं, रिपोर्ट और प्रशासनिक फॉर्म जैसी सामग्री मिल सकेगी।
इसके अतिरिक्त विभाग के विभिन्न प्रभागों, संगठनात्मक संरचना और अधिकारियों के संपर्क विवरण को भी नए सिरे से व्यवस्थित किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग करने वाले संस्थानों और हितधारकों के लिए द्विपक्षीय तथा बहुपक्षीय सहयोग से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है।
इस बदलाव का उद्देश्य विभागीय जानकारी को अधिक व्यवस्थित बनाना और नागरिकों के लिए जरूरी संसाधनों तक पहुंचने की प्रक्रिया सरल करना है।
DBIM 3.0 और GIGW 3.0 के अनुरूप हुआ वेबसाइटों का विकास
DST और MOST की नई वेबसाइटों को सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है। इनमें डिजिटल ब्रांड पहचान मैनुअल (DBIM) 3.0 और भारतीय सरकारी वेबसाइटों एवं ऐप्स के दिशा-निर्देश (GIGW) 3.0 को ध्यान में रखा गया है।
DBIM 3.0 का उद्देश्य सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म की दृश्य पहचान, ब्रांडिंग और सामग्री प्रस्तुति में एकरूपता लाना है। वहीं, GIGW 3.0 वेबसाइटों की गुणवत्ता, उपयोगिता, सुगम्यता, साइबर सुरक्षा और रखरखाव से संबंधित मानकों पर जोर देता है।
इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मार्च 2025 में DBIM 3.0 की शुरुआत की थी। नई वेबसाइटों का पुनर्विकास सरकारी डिजिटल सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और नागरिक-केंद्रित बनाने की व्यापक पहल का हिस्सा है।
वेबसाइटों की सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्था भी मजबूत
नई वेबसाइटों को इस तरह विकसित किया गया है कि भविष्य में उनमें नई सुविधाएं जोड़ना और सामग्री को अपडेट करना आसान रहे। इसके लिए मॉड्यूलर कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) का उपयोग किया गया है।
वेबसाइटों की तकनीकी व्यवस्था में निम्नलिखित सुविधाओं को शामिल किया गया है:
- SSL/TLS एन्क्रिप्शन: वेबसाइट और उपयोगकर्ता के बीच डेटा संचार को सुरक्षित रखने में मदद।
- साइबर सुरक्षा आकलन: सुरक्षा संबंधी जोखिमों की पहचान और निर्धारित मानकों के अनुपालन पर ध्यान।
- CERT-In दिशानिर्देश: लागू साइबर सुरक्षा दिशा-निर्देशों के अनुरूप व्यवस्था।
- कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क (CDN): वेबसाइट की लोडिंग गति और सामग्री वितरण को बेहतर बनाने में सहायता।
- मॉड्यूलर CMS: भविष्य में वेबसाइट की सामग्री और सुविधाओं को अपडेट करने में आसानी।
ये तकनीकी व्यवस्थाएं अधिक उपयोगकर्ताओं के एक साथ वेबसाइट पर आने के दौरान भी बेहतर प्रदर्शन और सेवाओं की उपलब्धता बनाए रखने में मदद कर सकती हैं।
समाचार और सरकारी घोषणाएं खोजना होगा आसान
नई वेबसाइटों पर समाचार और नवीनतम अपडेट से संबंधित अनुभागों को भी व्यवस्थित किया गया है। इसमें प्रेस विज्ञप्तियां, योजनाओं से जुड़े प्रस्ताव आमंत्रण, परिणाम और विभागीय घोषणाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
इससे विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप संचालकों को आवेदन की अंतिम तिथि, नई योजनाओं और अनुसंधान से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाएं खोजने में सुविधा मिल सकती है।
वेबसाइटों का विकास DST, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), परियोजना प्रबंधन टीम और विकास एजेंसी के संयुक्त प्रयासों से किया गया है। विभाग के आंतरिक प्रभागों ने वेबसाइट पर प्रकाशित की जाने वाली सामग्री को संकलित और सत्यापित करने में योगदान दिया।
विज्ञान और तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाने की पहल
DST और MOST की नई वेबसाइटों का उद्देश्य केवल डिजिटल डिजाइन में बदलाव करना नहीं है, बल्कि सरकारी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संसाधनों को अधिक सुलभ और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाना भी है।
बहुभाषी सामग्री, सुगम्यता के विकल्प, व्यवस्थित दस्तावेज और रिसर्च से जुड़े अवसरों की जानकारी के माध्यम से इन प्लेटफॉर्म का लाभ देशभर के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, संस्थानों, उद्यमियों और आम नागरिकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
यह पहल सरकारी डिजिटल सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और नागरिकों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

