सोयाबीन की 90% फलियां पीली होने पर कटाई करें। जानें ICAR-NSRI की सलाह के अनुसार गहाई, थ्रेशर RPM और सुरक्षित भंडारण के जरूरी तरीके।
सोयाबीन की फसल पकने के दौरान बारिश होने से किसानों की परेशानी बढ़ सकती है। खेतों में नमी और लगातार बारिश के कारण फलियों के चटकने, बीजों के अंकुरित होने तथा उनकी गुणवत्ता खराब होने का खतरा रहता है। ऐसे में किसानों के लिए समय पर कटाई करना और फसल को सुरक्षित तरीके से सुखाना बेहद जरूरी है।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अंतर्गत राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (ICAR-NSRI), इंदौर ने 5 से 11 अक्टूबर 2026 की साप्ताहिक कृषि सलाह में किसानों को सोयाबीन की कटाई, गहाई और भंडारण से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। इन उपायों को अपनाकर किसान फसल के नुकसान को कम करने और बीज की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद पा सकते हैं।
सोयाबीन की 90 प्रतिशत फलियां पीली होने पर करें कटाई
कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, जब सोयाबीन की लगभग 90 प्रतिशत फलियां पीले रंग की हो जाएं, तब फसल की कटाई की जा सकती है। कटाई के लिए उचित समय का चयन करना जरूरी है, क्योंकि अधिक देर तक खेत में खड़ी फसल रहने से फलियों के चटकने की आशंका बढ़ सकती है।
बारिश और अधिक नमी की स्थिति में फलियों से बीज निकलकर जमीन पर गिर सकते हैं। इसके अलावा, अनुकूल नमी मिलने पर बीजों में अंकुरण शुरू होने की संभावना भी रहती है। इससे उपज की मात्रा और बीज की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
इसलिए किसानों को फसल की परिपक्वता पर नजर रखनी चाहिए और मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए समय पर कटाई की तैयारी करनी चाहिए।
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कटाई के बाद धूप में सुखाएं सोयाबीन की फसल
सोयाबीन की कटाई करने के बाद फसल को अच्छी तरह धूप में सुखाना चाहिए। इसके बाद ही गहाई की प्रक्रिया करना उचित रहता है। इससे फसल को संभालने और बीजों को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है।
यदि कटाई के तुरंत बाद गहाई करना संभव न हो, तो कटी हुई फसल को ऐसी जगह रखें जहां बारिश का पानी न पहुंचे। खुले स्थान पर फसल छोड़ने से नमी बढ़ सकती है, जिससे बीजों की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा रहता है।
किसानों को सलाह दी जाती है कि कटाई के बाद फसल को बारिश और अनावश्यक नमी से बचाने के लिए पहले से सुरक्षित व्यवस्था रखें।
बीज के लिए सोयाबीन की गहाई करते समय रखें RPM का ध्यान
जो किसान सोयाबीन को अगले सीजन में बुवाई के लिए बीज के रूप में सुरक्षित रखना चाहते हैं, उन्हें गहाई के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
ICAR-NSRI की सलाह के अनुसार, बीज उत्पादन के उद्देश्य से सोयाबीन की गहाई करते समय थ्रेशर की गति 350 से 400 RPM के बीच रखनी चाहिए। गहाई के दौरान उचित गति बनाए रखने से बीजों को यांत्रिक क्षति पहुंचने का जोखिम कम करने और उनकी अंकुरण क्षमता सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।
इसलिए किसानों को गहाई से पहले थ्रेशर की गति की जांच करनी चाहिए और बीज के उपयोग को ध्यान में रखते हुए सावधानीपूर्वक प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
सोयाबीन के सुरक्षित भंडारण के लिए अपनाएं ये तरीके
कटाई और गहाई के बाद सोयाबीन का सही भंडारण करना भी उतना ही जरूरी है। भंडारण की जगह साफ, ठंडी, हवादार और नमी तथा कीटों से सुरक्षित होनी चाहिए। गलत तरीके से रखे गए बीजों में फफूंद लगने और गुणवत्ता खराब होने की आशंका बढ़ सकती है।
राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान की सलाह के अनुसार, भंडारण के दौरान किसानों को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- लकड़ी के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें: सोयाबीन से भरी बोरियों को सीधे फर्श पर रखने के बजाय लकड़ी के प्लेटफॉर्म पर रखें।
- बोरियों की ऊंचाई सीमित रखें: बोरियों का ढेर लगाते समय लगभग 4 से 5 फीट की ऊंचाई तक ही रखने की सलाह दी गई है।
- नमी से बचाव करें: बोरियों को दीवार और फर्श के सीधे संपर्क में रखने से बचें, ताकि नमी का असर बीजों पर न पड़े।
- बोरियों को सावधानी से रखें: बोरियों को ऊंचाई से फेंकने या पटकने से बचें। इससे बीजों को होने वाली संभावित क्षति कम की जा सकती है।
- हवादार जगह चुनें: भंडारण स्थल पर पर्याप्त हवा का आवागमन होना चाहिए और वहां कीटों तथा नमी से बचाव की व्यवस्था होनी चाहिए।
इन सावधानियों को अपनाकर किसान सोयाबीन को लंबे समय तक बेहतर स्थिति में रखने और भंडारण के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने में मदद पा सकते हैं।
किसानों के लिए जरूरी सलाह: मौसम देखकर बनाएं कटाई की योजना
सोयाबीन की फसल तैयार होने के समय मौसम का विशेष महत्व होता है। बारिश के कारण कटाई में देरी होने पर फलियों के चटकने, बीजों के अंकुरित होने और उपज की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।
ऐसे में किसानों को फसल की परिपक्वता की नियमित निगरानी करनी चाहिए। लगभग 90 प्रतिशत फलियां पीली होने पर कटाई की तैयारी करें, कटी फसल को बारिश से सुरक्षित रखें और गहाई के बाद सोयाबीन का उचित भंडारण करें।
ICAR-NSRI, इंदौर की साप्ताहिक कृषि सलाह किसानों के लिए कटाई से लेकर भंडारण तक की प्रक्रियाओं में उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान करती है। सही समय पर कटाई और वैज्ञानिक तरीके से फसल को संभालने से किसान उपज की गुणवत्ता बनाए रखने तथा संभावित नुकसान को कम करने की दिशा में बेहतर कदम उठा सकते हैं।

