सामाजिक न्याय मंत्रालय की दीव समीक्षा बैठक 2026 में छात्रवृत्ति, सामाजिक सुरक्षा, PM-AJAY, NAMASTE और वरिष्ठ नागरिक कल्याण योजनाओं की समीक्षा होगी।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय पश्चिमी भारत में संचालित सामाजिक कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा के लिए दीव में क्षेत्रीय समीक्षा बैठक आयोजित करेगा। इस बैठक में सरकारी योजनाओं की प्रगति, पात्र लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी।
इस बैठक में राजस्थान, गोवा और महाराष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारी तथा केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव प्रशासन के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक का प्रमुख उद्देश्य विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच समन्वय बढ़ाकर सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
सामाजिक न्याय मंत्रालय की बैठक में शामिल होंगे वरिष्ठ अधिकारी
क्षेत्रीय समीक्षा बैठक को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत संबोधित करेंगे। वह योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासनिक प्राथमिकताओं और निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के उपायों पर प्रकाश डालेंगे।
केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल के मार्गदर्शन में आयोजित इस बैठक में समाज कल्याण विभाग के सचिव आशीष मोहन, दीव के कलेक्टर राहुल देव बूरा और समाज कल्याण विभाग के निदेशक-सह-उप सचिव पुनीत कुलश्रेष्ठ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
इसके अलावा राजस्थान सरकार के समाज कल्याण विभाग के निदेशक ललित कुमार, गोवा के निदेशक दीपक देसाई और महाराष्ट्र के समाज कल्याण विभाग की आयुक्त दीपा मुधोल मुंडे सहित अन्य अधिकारी भी विचार-विमर्श में हिस्सा लेंगे।
मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी योजनाओं की वर्तमान स्थिति, उनके क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं और सुधार की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।
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प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना की होगी समीक्षा
बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं और कानूनी प्रावधानों के कार्यान्वयन की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसमें प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY) भी शामिल है।
इसके साथ ही नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत सुरक्षा और प्रवर्तन व्यवस्था को मजबूत करने से संबंधित विषयों पर चर्चा होगी।
नशीली दवाओं की मांग में कमी लाने के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना (NAPDDR) के क्रियान्वयन और नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) के साथ समन्वय की भी समीक्षा की जाएगी।
बैठक में यह आकलन किया जाएगा कि योजनाओं के लिए निर्धारित वित्तीय संसाधनों का कितना उपयोग हुआ है, कितने पात्र लोगों तक सहायता पहुंची है और संबंधित विभागों को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
छात्रवृत्ति योजनाओं के लाभार्थियों पर रहेगा विशेष ध्यान
क्षेत्रीय बैठक में विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी विशेष चर्चा होगी। इसमें विद्यार्थियों के आवेदन, दस्तावेजों के सत्यापन और आर्थिक सहायता के समय पर वितरण से जुड़े मुद्दे शामिल रहेंगे।
प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से राशि पहुंचाने की प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं की पहचान कर उन्हें दूर करने के उपायों पर विचार किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त ऐसे पात्र विद्यार्थियों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा, जो अब तक छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त नहीं कर पाए हैं। इसका उद्देश्य आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना तथा पात्र छात्रों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में मदद करना है।
अटल वयो अभ्युदय योजना से वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण पर चर्चा
अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY) के तहत वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़ी पहलों की समीक्षा भी बैठक के एजेंडे में शामिल है।
इस दौरान बुजुर्गों के लिए संस्थागत देखभाल, स्वास्थ्य सहायता, सामाजिक सुरक्षा, सुगम सुविधाओं और अन्य आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता पर चर्चा होगी।
साथ ही, केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के उपायों पर विचार किया जाएगा, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं और सहायता सेवाओं में सुधार किया जा सके।
NAMASTE योजना के तहत सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा पर जोर
राष्ट्रीय मशीनीकृत स्वच्छता इकोसिस्टम कार्य-योजना (NAMASTE) के क्रियान्वयन की समीक्षा भी महत्वपूर्ण विषयों में शामिल होगी।
इस योजना के अंतर्गत सफाई कर्मचारियों और कचरा बीनने वालों की पहचान, पंजीकरण तथा संबंधित आंकड़ों को व्यवस्थित करने पर ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा स्वच्छता कार्यों में मशीनों के इस्तेमाल, कर्मचारियों की व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा तक पहुंच की स्थिति का आकलन किया जाएगा।
बैठक में प्रशिक्षण, आजीविका के अवसरों और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के साथ समन्वय को बेहतर बनाने के उपायों पर भी चर्चा होगी।
सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की पहल
क्षेत्रीय समीक्षा बैठक का एक प्रमुख उद्देश्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं की पहचान करना और उनके व्यावहारिक समाधान तलाशना है।
इसमें लाभार्थियों की पहचान, विभागों के बीच समन्वय, सरकारी धन का उपयोग, आंकड़ों का प्रबंधन और शिकायतों के निवारण जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
अधिकारियों के बीच खुली चर्चा के माध्यम से अलग-अलग राज्यों में अपनाई जा रही अच्छी कार्यप्रणालियों को साझा करने का अवसर भी मिलेगा। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
बैठक में तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था और योजनाओं की प्रगति मापने के लिए प्रभावी तरीकों पर भी विचार किया जाएगा।
बैठक के बाद तय होंगे सुधार के लिए जरूरी कदम
बैठक के समापन पर प्रमुख चर्चाओं, सुझावों और प्राथमिकताओं के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार करने पर ध्यान दिया जाएगा।
इसमें संबंधित विभागों की जिम्मेदारियां तय करना, क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को समय पर दूर करना, योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति की निगरानी करना तथा आगे की कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करना शामिल होगा।
मंत्रालय की इस पहल से पश्चिमी भारत में सामाजिक न्याय, सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

