विदिशा में रिफॉर्म उत्सव 2026 के तहत इफको ने किसान सभा आयोजित की। 80 से अधिक किसानों को संतुलित खाद, INM, IPM और आधुनिक खेती की जानकारी दी गई।
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में रिफॉर्म उत्सव 2026 के तहत इफको की ओर से किसान सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन PNB कृषक प्रशिक्षण केंद्र में हुआ, जिसमें क्षेत्र के 80 से अधिक किसानों ने भाग लिया। किसान सभा में कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने आधुनिक एवं टिकाऊ खेती को लेकर किसानों को महत्वपूर्ण जानकारी दी।
कार्यक्रम में ICAR के विशेषज्ञ वैज्ञानिक डॉ. वी. श्रीधर, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. एस. मौर्य और डॉ. जयदीप हलदर सहित कृषि विज्ञान केंद्र विदिशा के वैज्ञानिक डॉ. अक्षय उज्ज्वल मौजूद रहे। इसके अलावा IFFDC भोपाल के परियोजना प्रबंधक सी.पी. यादव, SADO विदिशा विशाल यादव, BTM अशोक रघुवंशी तथा कृषि और उद्यानिकी विभाग के अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
संतुलित उर्वरक इस्तेमाल पर किसानों को किया जागरूक
किसान सभा की शुरुआत इफको विदिशा के क्षेत्रीय प्रबंधक कुमार मनेन्द्र की प्रस्तुति से हुई। उन्होंने किसानों को फसल की जरूरत के अनुसार संतुलित और वैज्ञानिक तरीके से उर्वरकों के इस्तेमाल की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि उर्वरकों का सही मात्रा और उचित तरीके से प्रयोग करने से फसल को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं। साथ ही मिट्टी, पानी और पर्यावरण पर पड़ने वाले अनावश्यक प्रभाव को भी कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, नैनो जिंक, नैनो कॉपर, बायोफर्टिलाइजर और बायोडीकंपोजर की उपयोगिता, फायदे और इस्तेमाल की विधि के बारे में भी किसानों को विस्तार से बताया गया।
INM और IPM की उपयोगिता समझाई
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को Integrated Nutrient Management (INM) और Integrated Pest Management (IPM) के बारे में जानकारी दी। IIHR बेंगलुरु और IVRI वाराणसी से जुड़े वैज्ञानिकों ने खेती में स्थानीय संसाधनों और कृषि आदानों के संतुलित इस्तेमाल पर जोर दिया।
विशेषज्ञों ने बताया कि पोषक तत्वों का उचित प्रबंधन और कीट नियंत्रण की वैज्ञानिक तकनीक अपनाकर किसान लागत को नियंत्रित करने के साथ फसल उत्पादन को बेहतर कर सकते हैं।
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गुणवत्तापूर्ण बीज का चयन जरूरी
IFFDC भोपाल के परियोजना प्रबंधक सी.पी. यादव ने किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज के चयन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अच्छी किस्म और प्रमाणित गुणवत्ता वाला बीज फसल की शुरुआती वृद्धि, पौधों के स्वस्थ विकास और बेहतर उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है।
किसानों को सलाह दी गई कि वे अपनी स्थानीय परिस्थितियों और खेती की जरूरत के अनुसार उपयुक्त किस्म का चयन करें।
मृदा स्वास्थ्य और जैविक कार्बन पर जोर
कृषि विज्ञान केंद्र विदिशा के वैज्ञानिक डॉ. अक्षय उज्ज्वल ने मृदा स्वास्थ्य और ऑर्गेनिक कार्बन की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को मिट्टी में जैविक पदार्थ बनाए रखने के लिए FYM यानी गोबर की खाद, जैव उर्वरक और अन्य जैविक स्रोतों के उपयोग के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि मिट्टी की उर्वरता को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन जरूरी है। इससे कृषि भूमि की उत्पादकता और फसल की गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
वैज्ञानिक और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने पर फोकस
किसान सभा के दौरान किसानों को INM, IPM, PM-PRANAM, गुणवत्तापूर्ण बीज, मृदा स्वास्थ्य, जैविक खाद, जैव उर्वरक और आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों से जोड़ना और खेती में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम के समापन पर इफको के कृषि स्नातक प्रशिक्षु विशाल पाटीदार ने सभी विशेषज्ञों, अधिकारियों और किसानों का आभार व्यक्त किया।
रिफॉर्म उत्सव 2026 के तहत आयोजित इस किसान सभा में विशेषज्ञों और किसानों के बीच संवाद के जरिए कम लागत, संतुलित पोषण और टिकाऊ कृषि को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।

