बच्चों का WhatsApp अकाउंट सुरक्षित रखने के लिए प्रोफाइल, कॉल, ग्रुप और टू-स्टेप वेरिफिकेशन समेत इन जरूरी प्राइवेसी सेटिंग्स को तुरंत बदलें।
आज के समय में बच्चे पढ़ाई, दोस्तों और परिवार से बातचीत के लिए WhatsApp का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, अनजान लोगों के संदेश, स्पैम कॉल, संदिग्ध लिंक और अनजान ग्रुप बच्चों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। ऐसे में माता-पिता WhatsApp की कुछ जरूरी प्राइवेसी और सुरक्षा सेटिंग्स को बदलकर बच्चों के अकाउंट को ज्यादा सुरक्षित बना सकते हैं।
प्रोफाइल फोटो और स्टेटस की जानकारी रखें सीमित
सबसे पहले बच्चे के WhatsApp अकाउंट की प्राइवेसी सेटिंग्स को चेक करें। WhatsApp में सेटिंग्स > प्राइवेसी पर जाकर प्रोफाइल फोटो, अबाउट और स्टेटस को कौन देख सकता है, यह तय किया जा सकता है।
इन विकल्पों को मेरे संपर्क पर रखने से बच्चे की निजी जानकारी केवल सेव किए गए संपर्कों को ही दिखाई देगी। जरूरत के अनुसार कुछ खास लोगों को इससे बाहर रखने का विकल्प भी चुना जा सकता है।
अनजान कॉल को करें साइलेंट
बच्चों को अनजान नंबरों से आने वाली स्पैम कॉल से बचाने के लिए WhatsApp का अनजान कॉल करने वालों को साइलेंट करें फीचर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे सेटिंग्स > प्राइवेसी > कॉल्स में जाकर चालू किया जा सकता है।
यह सेटिंग चालू होने के बाद अनजान नंबरों से आने वाली कॉल फोन पर सामान्य तरीके से नहीं बजेंगी। हालांकि, ये कॉल कॉल लिस्ट में दिखाई देती रहेंगी।
तय करें कौन बच्चे को ग्रुप में जोड़ सकता है
अनजान WhatsApp ग्रुप में बच्चे को जोड़ दिया जाना भी सुरक्षा और प्राइवेसी के लिए चिंता का विषय हो सकता है। इससे बचने के लिए सेटिंग्स > प्राइवेसी > ग्रुप्स में जाकर मेरे संपर्क विकल्प चुनें।
इसके बाद केवल सेव किए गए संपर्क ही बच्चे को सीधे किसी ग्रुप में जोड़ पाएंगे। दूसरे लोगों को ग्रुप में जोड़ने के लिए आम तौर पर निमंत्रण भेजना होगा।
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संदिग्ध नंबर को तुरंत ब्लॉक और रिपोर्ट करें
अगर कोई अनजान व्यक्ति बच्चे को बार-बार संदेश भेज रहा है या संदिग्ध लिंक शेयर कर रहा है, तो उस नंबर को तुरंत ब्लॉक किया जा सकता है। इसके लिए संबंधित चैट खोलकर संपर्क की जानकारी में जाएं और ब्लॉक विकल्प चुनें।
जरूरत पड़ने पर उस अकाउंट को रिपोर्ट भी किया जा सकता है। बच्चों को यह समझाना भी जरूरी है कि अनजान लोगों के भेजे लिंक, फोटो या फाइल को बिना जांचे न खोलें।
निजी जानकारी शेयर करने से बचें
माता-पिता को बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा के बारे में जरूर समझाना चाहिए। बच्चों को घर का पता, स्कूल की जानकारी, फोन नंबर, पासवर्ड और दूसरी निजी जानकारियां अनजान लोगों के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। इसी तरह लाइव लोकेशन भी केवल भरोसेमंद लोगों के साथ और जरूरत पड़ने पर ही साझा करनी चाहिए।
टू-स्टेप वेरिफिकेशन जरूर करें चालू
WhatsApp अकाउंट को अतिरिक्त सुरक्षा देने के लिए टू-स्टेप वेरिफिकेशन को भी चालू किया जा सकता है। इसके लिए सेटिंग्स > अकाउंट > टू-स्टेप वेरिफिकेशन में जाकर एक पिन सेट करें।
यह फीचर अकाउंट की सुरक्षा के लिए एक अतिरिक्त परत प्रदान करता है। ध्यान रखें कि टू-स्टेप वेरिफिकेशन का पिन किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा न करें।
बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा के नियम भी बताएं
सिर्फ सेटिंग्स बदलना ही काफी नहीं है। माता-पिता को बच्चों को यह भी समझाना चाहिए कि अनजान लोगों से बातचीत करते समय सावधानी बरतें, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अगर कोई व्यक्ति उन्हें परेशान या धमकी देता है तो इसकी जानकारी तुरंत किसी भरोसेमंद बड़े व्यक्ति को दें।
इन सुरक्षा सेटिंग्स और अच्छी डिजिटल आदतों की मदद से बच्चों के WhatsApp इस्तेमाल को ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सकता है।

