दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में वैभव सूर्यवंशी फिर फ्लॉप रहे। ईस्ट जोन के बल्लेबाज 16 गेंदों पर 8 रन बनाकर स्टंप आउट हुए। जानें मैच और उनके प्रदर्शन का हाल।
वैभव सूर्यवंशी के लिए दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। ईस्ट जोन की ओर से खेल रहे युवा बल्लेबाज दूसरी पारी में केवल 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उन्होंने 16 गेंदों का सामना किया और इस दौरान उनके बल्ले से सिर्फ एक चौका निकला।
वैभव उस समय अपना विकेट गंवा बैठे जब उन्होंने गेंदबाज की गेंद पर आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की। वह छक्का लगाने के प्रयास में गेंद से पूरी तरह चूक गए और विकेटकीपर ने मौके का फायदा उठाते हुए उन्हें स्टंप कर दिया।
पहली पारी में भी बड़ी पारी नहीं खेल पाए थे वैभव
दलीप ट्रॉफी फाइनल की पहली पारी में भी वैभव सूर्यवंशी कुछ खास नहीं कर सके थे। उन्होंने 37 गेंदों में 44 रन बनाए थे। उनकी इस पारी में एक छक्का और पांच चौके शामिल रहे।
ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने हालांकि शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने फाइनल की पहली पारी में 270 रन की बड़ी पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। ईशान की पारी की बदौलत ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
इसके जवाब में साउथ जोन की टीम 336 रन पर ऑलआउट हो गई। पहली पारी में मिली बड़ी बढ़त के बाद ईस्ट जोन की स्थिति मजबूत हो गई।
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दूसरी पारी में भी नहीं संभल सकी वैभव की बल्लेबाजी
साउथ जोन के खिलाफ दूसरी पारी में वैभव सूर्यवंशी के पास अपनी बल्लेबाजी में सुधार दिखाने का मौका था। मैच की स्थिति ऐसी थी कि उनके पास क्रीज पर समय बिताने और लंबी पारी खेलने का अवसर था।
लेकिन वैभव ने आक्रामक अंदाज में खेलने की कोशिश की। वह 15 गेंदों पर एक चौके की मदद से 8 रन बना चुके थे। 16वीं गेंद पर उन्होंने आगे निकलकर छक्का लगाने का प्रयास किया, लेकिन गेंद को सही तरह से कनेक्ट नहीं कर सके। गेंद विकेटकीपर के पास पहुंची और उन्होंने तुरंत स्टंपिंग करते हुए वैभव की पारी खत्म कर दी।
तीन मैचों में सिर्फ एक बार पार कर पाए 50 रन का आंकड़ा
दलीप ट्रॉफी के मौजूदा संस्करण में वैभव सूर्यवंशी को तीन मैचों में कुल पांच पारियों में बल्लेबाजी का मौका मिला। इस दौरान वह केवल एक बार अर्धशतक के आंकड़े को पार कर पाए।
सेंट्रल जोन के खिलाफ उन्होंने 92 रन की शानदार पारी खेली थी। हालांकि, बाकी पारियों में उनका प्रदर्शन अपेक्षाओं के मुताबिक नहीं रहा और वह जल्दी अपना विकेट गंवाते नजर आए।
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में धैर्य दिखाने की जरूरत
टी20 क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाते हैं, लेकिन प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बल्लेबाजों को परिस्थितियों के अनुसार अपनी रणनीति बदलनी पड़ती है। लंबे प्रारूप में क्रीज पर समय बिताना और खराब गेंद का इंतजार करना काफी महत्वपूर्ण होता है।
दलीप ट्रॉफी फाइनल में भी वैभव के पास टिककर बल्लेबाजी करने का मौका था, लेकिन आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश में उन्होंने अपना विकेट गंवा दिया। युवा बल्लेबाज के लिए यह अनुभव आगे चलकर लंबे प्रारूप की बल्लेबाजी को समझने में अहम साबित हो सकता है।
ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी से आने वाले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी, खासकर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपनी आक्रामक शैली के साथ धैर्य का संतुलन बनाने की।

