राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के दौरान हरियाणा से आए युवा प्रतिनिधिमंडल के साथ एक सार्थक और प्रेरणादायी संवाद हुआ। इस अवसर पर देशभर से आए युवाओं ने विचारों का आदान-प्रदान किया और भारत के भविष्य को आकार देने में अपनी भूमिका पर गंभीर चर्चा की। यह संवाद केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं को नेतृत्व के लिए तैयार करने और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने वाला एक सशक्त आंदोलन बनकर उभरा।
कार्यक्रम के दौरान यह बात प्रमुखता से सामने आई कि भारत के इतिहास में युवाओं ने हमेशा निर्णायक भूमिका निभाई है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक, युवाशक्ति ने हर मोड़ पर देश को दिशा दी है। यंग लीडर्स डायलॉग 2026 इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए युवाओं को आगे बढ़कर नेतृत्व करने, राष्ट्रीय चुनौतियों का समाधान खोजने और अपने सपनों को विकसित भारत के लक्ष्य के साथ जोड़ने का आह्वान करता है।
हरियाणा के युवाओं ने शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप, खेल, कृषि नवाचार और सामाजिक सेवा जैसे विषयों पर अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजन करने वाला बनना चाहता है। डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में युवाओं की बढ़ती भागीदारी भारत को वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जा सकती है।
संवाद के दौरान इस बात पर भी जोर दिया गया कि युवाओं की आकांक्षाएं तभी पूरी होंगी, जब वे राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर काम करें। विकसित भारत का सपना केवल सरकारों से नहीं, बल्कि समाज के हर युवा की सक्रिय भागीदारी से साकार होगा। युवाओं से आह्वान किया गया कि वे सामाजिक असमानता, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा की गुणवत्ता और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर नेतृत्वकारी भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि यह डायलॉग युवाओं को नीति निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने का एक मंच है। यहां युवाओं की आवाज़ को न केवल सुना जाता है, बल्कि उसे दिशा भी दी जाती है। हरियाणा के प्रतिनिधियों ने भी यह विश्वास जताया कि राज्य के युवा अपने परिश्रम, अनुशासन और नवाचार से राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
इस संवाद का एक अहम संदेश यह भी रहा कि नेतृत्व केवल पद से नहीं, बल्कि सोच और कर्म से तय होता है। यंग लीडर्स डायलॉग 2026 युवाओं को यही सिखाता है कि वे जहां भी हों, वहीं से सकारात्मक बदलाव की शुरुआत कर सकते हैं। छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, नई दिल्ली में आयोजित यह संवाद युवाओं के आत्मविश्वास, ऊर्जा और प्रतिबद्धता का सशक्त प्रदर्शन रहा। यह पहल आने वाले वर्षों में ऐसे नेतृत्व को जन्म देने की उम्मीद जगाती है, जो न केवल अपने सपनों को साकार करेगा, बल्कि भारत को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।


