केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित बायोफार्मा शक्ति कार्यक्रम ने उत्तर प्रदेश को फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा अवसर खोल दिया है। इस कार्यक्रम के तहत अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये के आवंटन से जैविक दवाओं, बायोसिमिलर्स और संबद्ध क्षेत्रों में घरेलू उत्पादन को तेज करने का लक्ष्य रखा गया है। बजट की इस घोषणा के तुरंत बाद राज्य सरकार ने निवेश आकर्षित करने और औद्योगिक आधार मजबूत करने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है।
इसी क्रम में राजधानी लखनऊ में फार्मा कॉन्क्लेव 1.0: Investment Opportunities in Uttar Pradesh का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम लखनऊ के होटल ताज में होगा, जिसका उद्घाटन योगी आदित्यनाथ करेंगे। कॉन्क्लेव का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी फार्मास्यूटिकल और मेडिकल डिवाइस हब बनाने की दिशा में निवेशकों, उद्योगपतियों और नीति निर्माताओं को एक मंच पर लाना है।
केंद्र–राज्य समन्वय से बनेगा निवेश का माहौल
इस आयोजन का संयुक्त रूप से संचालन Invest UP और राज्य के औषधि प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं रसायन-उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा वीडियो संदेश के माध्यम से प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
उद्योग जगत के दिग्गजों की भागीदारी
कॉन्क्लेव में देश-विदेश की नामी फार्मा कंपनियों के प्रमुख शिरकत करेंगे। इनमें दिलीप सांघवी, पंकज आर. पटेल, रमेश जुनेजा, डॉ. सतीश रेड्डी, जीनल मेहता और अयोध्या रामी रेड्डी जैसे उद्योगपति शामिल हैं। ये विशेषज्ञ निवेश, उत्पादन क्षमता, अनुसंधान एवं नवाचार, सप्लाई चेन और नीतिगत सुधारों पर विचार साझा करेंगे।
1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा
राज्य प्रशासन के अनुसार, मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर को प्रमुख स्तंभ माना जा रहा है। निवेश-अनुकूल नीतियां, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और बड़ा उपभोक्ता बाजार—ये सभी कारक प्रदेश को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाते हैं।
सीएम योगी का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि बायोफार्मा शक्ति कार्यक्रम भारत को वैश्विक मंच पर मजबूती देगा और उत्तर प्रदेश इसके लिए पूरी तरह तैयार है। उनके मुताबिक, फार्मा कॉन्क्लेव से नए निवेश, रणनीतिक साझेदारियां और रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिससे युवाओं को उच्च-स्तरीय नौकरियां मिलेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र की नीति और राज्य की सक्रियता का यह संगम उत्तर प्रदेश को फार्मा व मेडिकल डिवाइस निर्माण में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और देश की स्वास्थ्य व औद्योगिक क्षमता को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करेगा।


