महान शिक्षाविद, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं आर्य समाज के श्रेष्ठ संत स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती जी के बलिदान दिवस पर देशभर में उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर उनके अतुलनीय योगदान, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक सुधारों को स्मरण करते हुए लोगों ने उन्हें नमन किया।
स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती जी का जीवन देश, समाज और संस्कृति के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनाया और भारतीय समाज में जागरण की अलख जगाई। गुरुकुल कांगड़ी जैसे शिक्षण संस्थानों की स्थापना के माध्यम से उन्होंने भारतीय शिक्षा प्रणाली को नई दिशा दी।
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उनका योगदान प्रेरणास्रोत रहा। वे न केवल एक महान संत थे, बल्कि एक निर्भीक राष्ट्रवादी नेता भी थे, जिन्होंने सामाजिक कुरीतियों, छुआछूत और विदेशी शासन के विरुद्ध मुखर होकर आवाज उठाई। आर्य समाज के सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार के माध्यम से उन्होंने समाज में आत्मसम्मान, राष्ट्रप्रेम और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ किया।
उनका बलिदान राष्ट्र के लिए अमूल्य धरोहर है। स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती जी का विराट व्यक्तित्व, कृतित्व और शिक्षाएं आज भी देशवासियों को राष्ट्र सेवा, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।
महान शिक्षाविद, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं आर्य समाज के श्रेष्ठ संत स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती जी के बलिदान दिवस पर श्रद्धासुमन अर्पित करता हूँ।
आपका विराट व्यक्तित्व, कृतित्व व शिक्षाएं सदैव ही राष्ट्र की रक्षा के लिए हमारा मार्ग प्रशस्त करती रहेंगी। pic.twitter.com/QKymeSUT9J
— Manohar Lal (@mlkhattar) December 23, 2025


