रिमा दास की फिल्म ‘नॉट अ हीरो’ को बर्लिनाले 2026 में क्रिस्टल बेयर स्पेशल मेंशन मिला, सुकन्या बरुआ ने कहा—पूर्वोत्तर की पहचान को देश में ही सम्मान मिलना चाहिए।
असम की अभिनेत्री Sukanya Boruah ने अपनी डेब्यू फिल्म Not a Hero के साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी पहचान हासिल की है। निर्देशक Rima Das की इस फिल्म को 2026 के Berlin International Film Festival (बर्लिनाले) में क्रिस्टल बेयर स्पेशल मेंशन से सम्मानित किया गया।
इस उपलब्धि को याद करते हुए सुकन्या ने कहा कि यह पल अविश्वसनीय था। “पहले कुछ सेकंड सन्नाटा था, फिर विश्वास नहीं हुआ, और उसके बाद सिर्फ कृतज्ञता। यह हम सभी के लिए बेहद भावुक क्षण था,” उन्होंने कहा।
पूर्वोत्तर सिनेमा को मिल रही वैश्विक पहचान पर सुकन्या ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सम्मान की शुरुआत देश के भीतर से होनी चाहिए। उनके अनुसार, “यह निराशाजनक और शर्मनाक है कि पूर्वोत्तर को सम्मान पाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच का इंतजार करना पड़े। लेकिन कला की ताकत यही है कि वह सीमाओं को पार कर जाती है।”
हाल ही में मणिपुरी भाषा की फिल्म ‘Boong’, जिसका निर्देशन Lakshmipriya Devi ने किया, ने BAFTA में बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म का पुरस्कार जीता, जिससे पूर्वोत्तर सिनेमा को और मजबूती मिली।\
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‘नॉट अ हीरो’ एक कमिंग-ऑफ-एज ड्रामा है, जिसे लेकर सुकन्या ने कहा कि बर्लिनाले में फिल्म की स्क्रीनिंग से पहले दर्शकों की ऊर्जा को महसूस करना उनके लिए सबसे यादगार अनुभव रहा।
सुकन्या ने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर की कहानियां, संगीत और सिनेमा हमेशा से मजबूत रहे हैं, फर्क सिर्फ इतना है कि अब उन्हें दृश्यता मिल रही है। उन्होंने उद्योग से अपील की कि वह इस क्षेत्र को ट्रेंड की तरह नहीं, बल्कि सम्मान और जिज्ञासा के साथ अपनाए।
बातचीत के दौरान सुकन्या ने दिवंगत गायक-अभिनेता Zubeen Garg को भी याद किया, जिनका सितंबर 2025 में निधन हो गया था। उन्होंने कहा कि जुबीन अपने संगीत और जड़ों से गहरे जुड़े हुए थे और उनके साथ काम करना प्रेरणादायक अनुभव रहा।
बर्लिनाले में मिली इस उपलब्धि ने न केवल सुकन्या बरुआ के करियर को नई ऊंचाई दी है, बल्कि पूर्वोत्तर भारत के सिनेमा को भी वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित किया है।

