राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में जम्मू-कश्मीर के रियासी स्थित महादेव मंदिर प्रांगण में आयोजित भव्य हिंदू सम्मेलन में सहभागिता का अवसर प्राप्त हुआ। यह सम्मेलन राष्ट्र सेवा, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकता के संदेश के साथ अत्यंत प्रेरणादायी रहा।
सम्मेलन में महंत श्री अक्षरानंद जी महाराज, महंत श्री राजेश गिरी जी महाराज तथा जम्मू-कश्मीर के प्रांत प्रचारक श्री मुकेश जी की गरिमामय उपस्थिति रही। सभी संत-महात्माओं और वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण में समाज की भूमिका पर अपने विचार रखे।
इस अवसर पर कहा गया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मूल मंत्र “देश पहले, मैं बाद में” बीते 100 वर्षों में एक सशक्त और व्यापक सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है। संघ द्वारा संस्कारित सेवा-कार्य की परंपरा ने करोड़ों स्वयंसेवकों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित किया है। एक बार जो संघ का सेवक बनता है, वह जीवनभर राष्ट्र सेवा के भाव से स्वयंसेवक बना रहता है।
कार्यक्रम को सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक आत्मगौरव और सनातन चेतना के जागरण का एक सशक्त महाआह्वान बताया गया। सम्मेलन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि संगठित समाज और राष्ट्रभक्ति के संकल्प से ही एक सशक्त और समृद्ध भारत का निर्माण संभव है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में जम्मू-कश्मीर के रियासी स्थित महादेव मंदिर प्रांगण में आयोजित भव्य हिंदू सम्मेलन में सहभागिता का अवसर प्राप्त हुआ।
सम्मेलन में महंत श्री अक्षरानंद जी महाराज, महंत श्री राजेश गिरी जी महाराज एवं जम्मू-कश्मीर के प्रांत प्रचारक… pic.twitter.com/OdF9IeaCXZ
— Manohar Lal (@mlkhattar) January 4, 2026


