77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर Republic Day 2026 का राष्ट्रीय समारोह नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर पूरे वैभव, अनुशासन और देशभक्ति के साथ आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर जब परेड के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की झांकी और उसका जीवंत प्रदर्शन सामने आया, तो वहां मौजूद हर नागरिक भावुक हो उठा। खास तौर पर इस दृश्य को देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं भावनाओं से अभिभूत नजर आए।
कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में भारतीय सशस्त्र बलों की पराक्रम गाथा, आत्मनिर्भर भारत की झलक और देश की सांस्कृतिक विविधता का भव्य प्रदर्शन किया गया। इसी क्रम में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित प्रस्तुति ने दर्शकों का विशेष ध्यान खींचा। यह प्रदर्शन राष्ट्र की सुरक्षा, मानवीय संवेदनाओं और संकट के समय भारतीय शक्ति की त्वरित प्रतिक्रिया का प्रतीक रहा।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से यह दर्शाया गया कि कैसे भारत ने एक चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील स्थिति में अपने नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। झांकी में आधुनिक तकनीक, सैन्य समन्वय और मानवीय दृष्टिकोण का प्रभावशाली चित्रण किया गया, जिसने दर्शकों को गर्व और भावनाओं से भर दिया। प्रस्तुति के दौरान जब साहस, बलिदान और राष्ट्रभक्ति से जुड़े दृश्य सामने आए, तो प्रधानमंत्री मोदी की आंखों में भावुकता साफ झलक रही थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परेड के बाद कहा कि ऐसे अभियानों के पीछे हमारे जवानों का अदम्य साहस, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण छिपा होता है। उन्होंने सशस्त्र बलों, सुरक्षा एजेंसियों और अभियान से जुड़े सभी कर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज न केवल अपनी सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम है, बल्कि संकट के समय मानवीय मूल्यों को भी सर्वोपरि रखता है।
77वें गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रपति के नेतृत्व में राष्ट्र ने संविधान निर्माताओं, स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को नमन किया। परेड में थलसेना, नौसेना और वायुसेना की टुकड़ियों के साथ-साथ आधुनिक हथियार प्रणालियों और स्वदेशी रक्षा तकनीक का प्रदर्शन भी किया गया, जिसने भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता को रेखांकित किया।
इस वर्ष की परेड का विशेष आकर्षण यह रहा कि इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ मानवीय दृष्टिकोण को केंद्र में रखा गया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का प्रदर्शन इस बात का प्रतीक बना कि भारत शक्ति और संवेदना—दोनों में संतुलन बनाकर आगे बढ़ रहा है। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस प्रस्तुति का स्वागत किया।
कुल मिलाकर, Republic Day 2026 का यह समारोह केवल एक परेड नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, संकल्प और भविष्य की दिशा को दर्शाने वाला आयोजन रहा। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने यह संदेश दिया कि भारत हर परिस्थिति में अपने नागरिकों की रक्षा, सम्मान और मानवीय मूल्यों के लिए दृढ़ता से खड़ा रहेगा। यही भावना 77वें गणतंत्र दिवस को और भी ऐतिहासिक बनाती है।


