पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि प्री-GST बकाया वसूली के लिए 136 संपत्तियां कुर्क की गईं, सरकार OTS के जरिए व्यापारियों को राहत और सख्त कार्रवाई दोनों अपना रही है।
पंजाब सरकार ने प्री-GST बकाया की वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा कदम उठाया है। वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि टैक्सेशन विभाग ने राज्यभर में ₹91.10 करोड़ मूल्य की 136 संपत्तियां कुर्क की हैं। यह कार्रवाई उन बड़े डिफॉल्टरों के खिलाफ की गई है जो लंबे समय से बकाया कर राशि जमा नहीं कर रहे थे।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार व्यापार को आसान बनाने और कठोर कर अनुपालन—दोनों के बीच संतुलन बनाए हुए है। इसी उद्देश्य से सरकार ने व्यापारियों को राहत देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) नीति लागू की है, ताकि वे अपने पुराने बकाया को सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटा सकें।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार उत्पीड़न-मुक्त और अनुकूल व्यापार माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन जानबूझकर टैक्स चोरी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे तुरंत OTS का लाभ उठाएं, ताकि उनकी संपत्तियों की नीलामी जैसी सख्त कार्रवाई से बचा जा सके।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 18 फरवरी 2026 तक 136 कुर्क संपत्तियों में से 78 संपत्तियां ₹50.58 करोड़ मूल्य की मुख्य जिलों में स्थित हैं, जबकि 58 संपत्तियां ₹40.52 करोड़ मूल्य की अन्य जिलों, राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में हैं। इसके अलावा, कुछ संपत्तियों की नीलामी हो चुकी है, जिससे अब तक ₹15.27 करोड़ की वसूली की जा चुकी है।
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मंत्री ने बताया कि मुख्यालय ने ₹33.77 करोड़ मूल्य की 35 संपत्तियों की बिक्री की अनुमति दे दी है। इनमें से 21 संपत्तियों (₹13.68 करोड़ मूल्य) की नीलामी की तारीखें तय हो चुकी हैं। वहीं, जिला प्रशासन ने ₹16.42 करोड़ मूल्य की 15 संपत्तियों के लिए नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिनकी औपचारिक अनुमति प्रक्रिया में है।
अंतर-राज्यीय वसूली को मजबूत करने के लिए ₹10.61 करोड़ मूल्य की 24 संपत्तियों के संबंध में रिकवरी सर्टिफिकेट जारी कर संबंधित उपायुक्तों के स्तर पर कार्रवाई चल रही है। मंत्री ने कहा कि इन सख्त कदमों का असर दिखने लगा है और कई लाइसेंसी व जमानतदार अब अपनी बकाया राशि जमा कर रहे हैं, ताकि उनकी संपत्तियों की नीलामी रोकी जा सके।
अंत में, हरपाल सिंह चीमा ने चेतावनी दी कि जिन मामलों में नीलामी की तारीखें तय हो चुकी हैं, वहां OTS का लाभ नहीं लेने पर तय कार्यक्रम के अनुसार नीलामी हर हाल में की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य ईमानदार करदाताओं को राहत देना है, लेकिन डिफॉल्टरों के खिलाफ कानून पूरी सख्ती से लागू किया जाएगा।

