संसद परिसर स्थित पार्लियामेंट एनेक्सी भवन में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एनडीए संसदीय दल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में प्रधानमंत्री ने गठबंधन के सांसदों को स्पष्ट संदेश दिया कि चुनावों में मिली सफलता को अंतिम मंजिल न मानें, बल्कि लगातार मेहनत और जनकल्याण के कामों के जरिए जनता का भरोसा मजबूत करते रहें।
प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों से आग्रह किया कि वे बजट पर होने वाली चर्चाओं में पूरी सक्रियता के साथ भाग लें और संसद के भीतर तथा बाहर, दोनों जगह सरकार की नीतियों और उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से सामने रखें। उन्होंने कहा कि एनडीए की पहचान केवल चुनावी जीत से नहीं, बल्कि विकास और सुशासन से बननी चाहिए।
बैठक में प्रधानमंत्री ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का भी जिक्र किया और इसे देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से उद्योगों को नई ताकत मिलेगी और वैश्विक स्तर पर भारत की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने अब तक विकसित देशों के साथ कुल 39 व्यापार समझौते सफलतापूर्वक पूरे किए हैं, जो भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को दर्शाते हैं।
प्रधानमंत्री ने सांसदों को यह भी याद दिलाया कि जनता की अपेक्षाएं लगातार बढ़ रही हैं और ऐसे में जमीनी स्तर पर काम करना और आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनहितैषी योजनाओं को सही तरीके से लागू करना और उनके लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही असली राजनीति की कसौटी है।
बैठक में नव-निर्वाचित भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का औपचारिक स्वागत भी किया गया। इसके साथ ही भाजपा के अलावा टीडीपी, जेडीयू, एलजेपी (आर), शिवसेना, जेडीएस और एनडीए के अन्य घटक दलों के सांसद भी मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं में राजनाथ सिंह, अमित शाह, जेपी नड्डा, अनुप्रिया पटेल, प्रफुल पटेल, श्रीकांत शिंदे, उपेंद्र कुशवाहा समेत कई प्रमुख चेहरे बैठक में शामिल हुए।
बैठक के अंत में सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया और यह संकल्प लिया कि वे आने वाले समय में विकास, सुशासन और जनसेवा के एजेंडे को और मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।


