प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल दौरे के दौरान राज्य को विकास की कई अहम सौगातें दीं। इस अवसर पर उन्होंने नई ट्रेन सेवाओं का उद्घाटन किया और विभिन्न बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य तथा तकनीकी नवोन्मेष से जुड़ी परियोजनाओं की शुरुआत की। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य केरल सहित पूरे देश में कनेक्टिविटी, रोजगार और आधुनिक सुविधाओं को सशक्त बनाना है, ताकि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
प्रधानमंत्री मोदी ने नई ट्रेन सेवाओं को जनता को समर्पित करते हुए कहा कि रेल कनेक्टिविटी किसी भी क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास की रीढ़ होती है। इन सेवाओं से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक रेलवे नेटवर्क से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और युवाओं के लिए अवसर बढ़ेंगे।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, डिजिटल और तकनीकी नवोन्मेष, तथा शहरी और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से जुड़े कार्य शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही है, ताकि आम नागरिक को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने डिजिटल हेल्थ, टेलीमेडिसिन और आधुनिक अस्पताल सुविधाओं पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में पीएम स्वनिधि योजना का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह योजना छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों और स्वरोजगार करने वाले लोगों के लिए जीवनरेखा साबित हुई है। इस योजना के तहत बिना किसी जटिल प्रक्रिया के आसान ऋण उपलब्ध कराकर लाखों लोगों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्ग को आर्थिक रूप से मजबूत करना है, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
तकनीकी नवोन्मेष पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से डिजिटल और तकनीकी शक्ति बन रहा है। स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में देश नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। केरल जैसे शिक्षित और कुशल मानव संसाधन वाले राज्य इस परिवर्तन में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने लेफ्ट और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल विकास की राजनीति के बजाय बाधा डालने की राजनीति करते हैं। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद इन दलों ने बुनियादी ढांचे और रोजगार सृजन पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र पर चलते हुए पारदर्शी और परिणामोन्मुखी शासन दे रही है।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य के सहयोग से केरल विकास के नए आयाम छुएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि वे विकास योजनाओं का लाभ उठाएं और देश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के संकल्प में भागीदार बनें। केरल दौरे के दौरान प्रधानमंत्री की घोषणाओं और परियोजनाओं को राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण विकास कदम के रूप में देखा जा रहा है।


