हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने CMGGA के साथ बैठक में सफाई, कचरा प्रबंधन, शिकायत निवारण और प्रशासनिक दक्षता की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को समयबद्ध निर्देश दिए।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ स्थित अपने निवास संत कबीर कुटीर में मुख्यमंत्री के गुड गवर्नेंस एसोसिएट्स (CMGGA) के साथ एक व्यापक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने जिला स्तर पर सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, सीवर और नालों की सफाई, शिकायत निवारण प्रणाली और प्रशासनिक कार्यक्षमता की प्रगति की गहन समीक्षा की।
बैठक के दौरान CMGGAs ने जमीनी हकीकत से जुड़े कई मुद्दे सामने रखे, जिनमें कचरे के पृथक्करण की कमजोर व्यवस्था, नालों की सफाई में कमी, सीवर जाम की समस्या, स्टाफ की कमी और जनजागरूकता के अभाव जैसे बिंदु शामिल थे। मुख्यमंत्री ने इन सभी समस्याओं पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और परिणामोन्मुखी कार्रवाई के निर्देश दिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में जुड़े नगर निगम आयुक्तों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने जिलों में मजबूत कचरा प्रबंधन प्रणाली लागू करें, नालों और सीवर लाइनों की नियमित सफाई सुनिश्चित करें और लंबित स्वच्छता कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीवर से जुड़ी शिकायतों के लिए नगर निगम आयुक्त नोडल अधिकारी होंगे और उन्हें लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के साथ समन्वय बनाकर तय समयसीमा में समाधान सुनिश्चित करना होगा।
मुख्यमंत्री ने उन जिलों के आयुक्तों के साथ व्यक्तिगत बातचीत भी की, जहां सफाई और स्वच्छता के मानकों पर प्रदर्शन औसत से नीचे पाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुधार केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर दिखना चाहिए और उसका असर स्वच्छता रैंकिंग व प्रदर्शन मानकों में नजर आना चाहिए।
प्रशासनिक दक्षता को और मजबूत करने पर जोर देते हुए सीएम ने निर्देश दिए कि जिलों में पर्याप्त स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, तैनाती का युक्तिसंगत वितरण किया जाए और फाइलों के निपटारे में अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने कहा कि सिस्टम को सरल और तेज बनाना समय की जरूरत है।
जनभागीदारी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) गतिविधियों को तेज करने पर जोर दिया। उन्होंने CMGGAs को कचरा हॉटस्पॉट चिन्हित कर वहां विशेष सफाई अभियान चलाने और स्वच्छता से जुड़े संदेश व नारे प्रमुखता से लगाने के निर्देश दिए, ताकि लोगों में जागरूकता बढ़े।
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नशा मुक्ति की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने हर जिले के अस्पताल में 10 बेड का ‘नशा मुक्ति’ वार्ड स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने CMGGAs से कहा कि वे इसकी प्रगति की निगरानी करें, क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं की पहचान करें और तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि CMGGAs को उपायुक्तों के साथ मिलकर विशेष रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में काम करना होगा, ताकि नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन हो और आम जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
बैठक में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शायिन, शहरी निकाय विभाग के महानिदेशक अशोक कुमार मीणा, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि CMGGA कार्यक्रम हरियाणा सरकार द्वारा ग्लोबल विलेज फाउंडेशन (GVF) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, जो “फ्रेमवर्क टू फील्डवर्क” मॉडल के जरिए नीतियों को जमीनी स्तर पर लागू करने में मदद कर रहा है।

