प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को मजबूती देने वाले दो अहम निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) को 5000 करोड़ रुपये की इक्विटी सहायता देने और अटल पेंशन योजना (APY) को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी। इन फैसलों को आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
SIDBI को 5000 करोड़ की इक्विटी सहायता
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने SIDBI में 5000 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी निवेश को हरी झंडी दी है। यह राशि वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के माध्यम से तीन चरणों में जारी की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस पूंजी निवेश से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को आसान और सस्ती वित्तीय सहायता उपलब्ध हो सकेगी।
इस निर्णय से करीब 25.74 लाख नए MSME लाभार्थियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 के अंत तक 76.26 लाख MSMEs को वित्तीय सहायता मिल रही थी, जो 2028 के अंत तक बढ़कर लगभग 1.02 करोड़ तक पहुंच सकती है। इससे छोटे उद्योगों को विस्तार, तकनीकी उन्नयन और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद मिलेगी।
रोजगार सृजन को मिलेगा बढ़ावा
MSME मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में देश में करीब 6.90 करोड़ MSMEs सक्रिय हैं, जो लगभग 30 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान कर रहे हैं। नए MSME लाभार्थियों के जुड़ने से वित्त वर्ष 2027-28 तक लगभग 1.12 करोड़ नए रोजगार सृजित होने की संभावना जताई जा रही है। सरकार का मानना है कि यह फैसला रोजगार सृजन और ग्रामीण व शहरी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएगा।
अटल पेंशन योजना 2030-31 तक जारी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अटल पेंशन योजना को भी बड़ा प्रोत्साहन दिया है। कैबिनेट ने योजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने और इसके प्रचार-प्रसार व विकासात्मक गतिविधियों के लिए अतिरिक्त फंड उपलब्ध कराने की मंजूरी दी है। अटल पेंशन योजना का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, निम्न आय वर्ग और गरीब तबके को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
सरकार का कहना है कि इस योजना के विस्तार से सामाजिक सुरक्षा का दायरा और व्यापक होगा। खासकर वे श्रमिक जो नियमित पेंशन योजनाओं से बाहर हैं, उन्हें इससे स्थायी लाभ मिलेगा। यह कदम सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
विकसित भारत 2047 की दिशा में कदम
सरकार का मानना है कि MSME सेक्टर को मजबूत करना और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार करना विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने में सहायक होगा। SIDBI को इक्विटी सहायता से जहां उद्योग और रोजगार को गति मिलेगी, वहीं अटल पेंशन योजना से करोड़ों असंगठित श्रमिकों को भविष्य की सुरक्षा का भरोसा मिलेगा।
कुल मिलाकर, मोदी कैबिनेट के ये फैसले आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर देश को नई दिशा देने वाले साबित हो सकते हैं।


