समाज को नई दिशा देने वाले प्रगतिशील चिंतक, निस्वार्थ समाजसेवी और न्याय-समानता के पैरोकार महात्मा ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि पर आज देशभर में भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक संगठनों ने उनके योगदान को नमन करते हुए उन्हें सामाजिक परिवर्तन का महानायक बताया।
कार्यक्रमों के दौरान वक्ताओं ने कहा कि महात्मा फुले ने अस्पृश्यता, शोषण और भेदभाव के खिलाफ जिस साहस और दृढ़ता से संघर्ष किया, वही भारत में सामाजिक जागरण की मजबूत नींव बना। उनके प्रयासों ने समाज को एक नई सोच दी, जिसमें मानवता, समानता और नारी सम्मान सर्वोपरि रहे।
महात्मा फुले द्वारा महिला शिक्षा के क्षेत्र में किए गए ऐतिहासिक कार्यों को भी विशेष रूप से याद किया गया। उनकी जीवनसंगिनी सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर स्थापित किए गए प्रथम बालिका विद्यालय को भारत में शिक्षा सुधार का प्रारंभिक और सबसे बड़ा कदम माना जाता है।
वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक न्याय, समान अवसर, मानवता की सेवा और महिला सशक्तिकरण के प्रति महात्मा फुले की प्रतिबद्धता आज भी समाज के लिए प्रेरणा का प्रकाशस्तंभ बनी हुई है। विभिन्न स्थानों पर आयोजित श्रद्धांजलि सभाओं, विचार गोष्ठियों और सांस्कृतिक आयोजनों में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
समाज को नई दिशा देने वाले प्रगतिशील चिंतक, निस्वार्थ समाजसेवी और न्याय-समानता के पैरोकार महात्मा ज्योतिबा फुले जी की पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
अस्पृश्यता, शोषण और भेदभाव के विरुद्ध उन्होंने जिस साहस और दृढ़ संकल्प के साथ संघर्ष किया, वह समाज परिवर्तन का आधार बना।
महिला… pic.twitter.com/6evkNYZKzR
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) November 28, 2025


