आज देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 78वीं पुण्यतिथि मना रहा है। इस अवसर पर पूरे देश में श्रद्धा और स्मरण का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई केंद्रीय मंत्रियों, राज्य के मुख्यमंत्रियों और राजनीतिक नेताओं ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों और आदर्शों को याद किया।
राजघाट सहित देश के विभिन्न हिस्सों में बापू को नमन करने के कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर कहा कि महात्मा गांधी का जीवन सत्य, अहिंसा और मानवता की सेवा का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने संदेश में कहा कि गांधी जी ने दुनिया को यह सिखाया कि बिना हिंसा के भी बड़े से बड़ा परिवर्तन संभव है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में महात्मा गांधी के उस विश्वास को दोहराया, जिसमें उन्होंने अहिंसा को सबसे बड़ा धर्म बताया था। पीएम मोदी ने कहा कि बापू का जीवन केवल इतिहास का हिस्सा नहीं है, बल्कि आज के समय में भी समाज को दिशा देने वाली प्रेरणा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि गांधी जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर प्रेम, करुणा और सद्भाव को बढ़ावा दें।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बापू ने देश को स्वतंत्रता दिलाने के साथ-साथ सामाजिक न्याय, समानता और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने गांधी जी के प्रिय भजनों और विचारों को साझा करते हुए कहा कि उनका दर्शन आज भी लोकतंत्र की आत्मा को मजबूत करता है।
इसके अलावा अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों ने भी महात्मा गांधी के योगदान को याद किया। कई स्थानों पर प्रार्थना सभाएं, सर्वधर्म सभाएं और स्वच्छता अभियान आयोजित किए गए, जो गांधी जी के विचारों से प्रेरित थे।
महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को हुआ था और 30 जनवरी 1948 को उनकी हत्या कर दी गई थी। उनकी पुण्यतिथि को देशभर में शहीद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। यह दिन देश को यह याद दिलाता है कि स्वतंत्रता केवल राजनीतिक आज़ादी नहीं, बल्कि नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारियों से भी जुड़ी होती है।
गांधी जी ने अपने जीवन में सत्य और अहिंसा को केवल सिद्धांत नहीं, बल्कि व्यवहार का हिस्सा बनाया। उनका मानना था कि नफरत का जवाब प्रेम से और हिंसा का जवाब अहिंसा से ही दिया जा सकता है। आज जब दुनिया संघर्ष और असहिष्णुता के दौर से गुजर रही है, तब गांधी जी के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।
78वीं पुण्यतिथि पर देश एक बार फिर यह संकल्प ले रहा है कि बापू के दिखाए मार्ग पर चलकर समाज में शांति, समानता और मानवता के मूल्यों को मजबूत किया जाएगा। महात्मा गांधी की विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।


