बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना कर भारतीय शिक्षा जगत को नई दिशा देने वाले उत्कृष्ट शिक्षाविद, महान समाज सुधारक और भारत रत्न से सम्मानित पंडित मदन मोहन मालवीय जी की जयंती आज देशभर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उन्हें कोटि-कोटि नमन अर्पित करते हुए उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण किया गया।
महामना मालवीय जी ने शिक्षा को राष्ट्रनिर्माण का सशक्त माध्यम मानते हुए बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना की, जो आज भी भारतीय ज्ञान, संस्कृति और आधुनिक शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। उनका विश्वास था कि सशक्त, शिक्षित और चरित्रवान समाज ही सुदृढ़ राष्ट्र की नींव रख सकता है।
शिक्षा के साथ-साथ साहित्य, पत्रकारिता और लोक कल्याण के क्षेत्र में भी उनका योगदान अमूल्य रहा। सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष, स्वदेशी चेतना का प्रसार और जनसेवा के प्रति उनका अटूट संकल्प उन्हें युगपुरुष बनाता है।
महामना मालवीय जी का जीवन त्याग, तपस्या और राष्ट्रसेवा का अनुपम उदाहरण है। उनके विचार और कार्य आज भी समाज को सही दिशा दिखाने वाले प्रकाशस्तंभ के रूप में सदैव प्रेरणा देते रहेंगे।
बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना कर शिक्षा के क्षेत्र में अप्रतिम योगदान देने वाले उत्कृष्ट शिक्षाविद, महान समाज सुधारक, 'भारत रत्न' 'महामना' पंडित मदन मोहन मालवीय जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन अर्पण करता हूँ।
शिक्षा, साहित्य व लोक कल्याण के लिए किए गए उनके कार्य तथा… pic.twitter.com/PDA0RAuISh
— Manohar Lal (@mlkhattar) December 25, 2025


