ब्रह्मपुत्र पर बना कुमार भास्कर वर्मा सेतु गुवाहाटी और आसपास के क्षेत्रों के लिए अहम परियोजना है। इससे कनेक्टिविटी, यात्रा सुविधा, व्यापार और कामाख्या मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली है।
गुवाहाटी और आसपास के क्षेत्रों के लिए ब्रह्मपुत्र नदी पर बना कुमार भास्कर वर्मा सेतु एक अहम आधारभूत ढांचा परियोजना बनकर उभरा है। इस सेतु के शुरू होने से न केवल क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर हुई है, बल्कि लोगों की यात्रा सुविधा और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिली है।
स्थानीय प्रशासन और विशेषज्ञों के अनुसार, यह सेतु गुवाहाटी शहर को उसके आसपास के इलाकों से अधिक तेज और सुगम तरीके से जोड़ता है। पहले जहां नदी पार करने में अधिक समय और असुविधा होती थी, अब वही सफर कहीं अधिक आसान और सुरक्षित हो गया है। इससे रोज़ाना यात्रा करने वाले यात्रियों, छात्रों और कर्मचारियों को बड़ा लाभ मिल रहा है।
इस परियोजना का एक बड़ा फायदा कामाख्या मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी मिल रहा है। देश-विदेश से आने वाले भक्त अब पहले की तुलना में अधिक सहजता और कम समय में मंदिर तक पहुंच पा रहे हैं। इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिल रही है।
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व्यापार और वाणिज्य के लिहाज से भी कुमार भास्कर वर्मा सेतु को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बेहतर सड़क संपर्क से माल ढुलाई आसान हुई है, जिससे स्थानीय बाजारों, उद्योगों और छोटे व्यापारियों को फायदा मिल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस सेतु से क्षेत्र में निवेश और आर्थिक गतिविधियों में भी इजाफा हो सकता है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के नजरिए से यह सेतु नॉर्थ ईस्ट के लिए एक रणनीतिक कड़ी साबित हो रहा है। यह न सिर्फ गुवाहाटी की यातायात व्यवस्था को मजबूत करता है, बल्कि पूरे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
कुल मिलाकर, कुमार भास्कर वर्मा सेतु को गुवाहाटी और आसपास के इलाकों के लिए कनेक्टिविटी, सुविधा और कारोबार के नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में क्षेत्र को व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है।


