कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में इस वर्ष हरियाणा पवेलियन ने अपनी भव्यता, संस्कृति और आधुनिक नवाचारों की प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया। पवेलियन का अवलोकन करने पहुंचे आगंतुकों ने हरियाणा की समृद्ध परंपराओं, लोक संस्कृति, तकनीकी विकास और नवाचार का अद्भुत संगम देखा।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में लगाए गए इनोवेशन मॉडल, तकनीकी प्रयोग, और सांस्कृतिक धरोहर से संबंधित प्रदर्शितियां विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहीं। आधुनिक तकनीक के माध्यम से गीता ज्ञान, प्रदेश के विकास कार्यों और युवा नवाचारों को रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया गया।
आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे बढ़ाते हुए पवेलियन में स्वदेशी उत्पादों, स्थानीय उद्यमों, SHGs, और MSMEs के उत्कृष्ट स्टॉल स्थापित किए गए हैं। ये स्टॉल न केवल प्रदेश की कौशल क्षमता को प्रदर्शित करते हैं, बल्कि स्थानीय उद्यमशीलता, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को सशक्त मंच प्रदान कर रहे हैं।
आगंतुकों ने पवेलियन में प्रस्तुत हरियाणवी संस्कृति, लोक कला, तकनीकी उपलब्धियों और नवाचारों की सराहना करते हुए इसे महोत्सव का प्रमुख आकर्षण बताया।
कुरूक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में हरियाणा पैवेलियन का अवलोकन किया, जहां प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं एवं नवाचार की अद्भुत झलक दिखाई दी।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय एवं कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में प्रदर्शित इनोवेशन मॉडल, तकनीकी प्रयोग, तथा… pic.twitter.com/MqjcIbp6KC
— Manohar Lal (@mlkhattar) November 29, 2025


