चंडीगढ़। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त (एफसीआर) सुमिता मिश्रा ने प्रदेशभर में भूमि बंटवारे (पार्टिशन) से जुड़े मामलों को तेजी से निपटाने के उद्देश्य से व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के कारण लंबे समय से परेशान हजारों नागरिकों को राहत प्रदान करना है।
एक विस्तृत समीक्षा बैठक के बाद एफसीआर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भूमि बंटवारे से संबंधित सभी मामलों का निस्तारण समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अनावश्यक देरी से न केवल आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ता है।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें और प्राथमिकता के आधार पर उनका शीघ्र समाधान करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जारी दिशा-निर्देशों का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
एफसीआर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी, नागरिक-केंद्रित और समयबद्ध बने, ताकि लोगों को न्याय के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े। यह कदम प्रदेश में राजस्व प्रशासन को अधिक सुदृढ़ और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


