हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आवासन बोर्ड को HSVP में विलय का संकल्प पेश किया, जिसे पारित कर प्रशासनिक दक्षता और शहरी योजना एकीकरण को मजबूत किया गया।
हरियाणा सरकार ने आवास और शहरी विकास के क्षेत्र में एक अहम प्रशासनिक सुधार करते हुए आवासन बोर्ड हरियाणा का हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) में विलय कर दिया है। बजट सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में इस संबंध में सरकारी संकल्प पेश किया, जिसे सदन ने पारित कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना, नागरिकों को बेहतर आवास सुविधाएं उपलब्ध कराना और शहरी योजना में एकीकरण को मजबूत करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवासन बोर्ड और HSVP दोनों के कार्यक्षेत्र काफी हद तक समान थे, जिससे संसाधनों की दोहराव और प्रक्रियाओं में अनावश्यक जटिलता पैदा हो रही थी। विलय के बाद अब सभी जिम्मेदारियां एक ही प्राधिकरण के तहत संचालित होंगी, जिससे निर्णय प्रक्रिया तेज और प्रभावी होगी।
also read : हरियाणा में 2027 की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना की तैयारी, चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी ने दिए दिशा-निर्देश
श्री सैनी ने सदन को आश्वस्त किया कि आवासन बोर्ड हरियाणा में कार्यरत कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है और उनके सेवा शर्तों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि संरचनात्मक बदलाव से न सिर्फ कामकाज सरल हो, बल्कि कर्मचारियों की सुरक्षा और अधिकार भी सुरक्षित रहें।
यह संकल्प हरियाणा आवासन बोर्ड अधिनियम, 1971 की धारा 80 की उपधारा (1) के प्रावधानों के तहत पारित किया गया है। इसके तहत अब आवासन बोर्ड की सभी संपत्तियां, परियोजनाएं और दायित्व हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधीन आ जाएंगे।
सरकार का मानना है कि इस कदम से शहरी विकास परियोजनाओं की योजना, क्रियान्वयन और निगरानी में बेहतर समन्वय स्थापित होगा। साथ ही, नागरिकों को आवास से जुड़ी सेवाएं एक ही मंच से मिलने में सुविधा होगी। नीति निर्माताओं के अनुसार, यह सुधार शहरी विकास के लक्ष्यों को तेज़ी से हासिल करने और पारदर्शी शासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

