हरियाणा में जनगणना-2027 पूरी तरह डिजिटल होगी, मई 2026 से हाउस लिस्टिंग शुरू, सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल और मोबाइल ऐप से होगी गणना।
हरियाणा में जनगणना-2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं और यह राज्य के लिए ऐतिहासिक होने जा रही है, क्योंकि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल मोड में की जाएगी। इसको लेकर चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी ने डिविजनल कमिश्नरों, उपायुक्तों और नगर निगम आयुक्तों के साथ एक दिवसीय वर्चुअल कॉन्फ्रेंस कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जनगणना सिर्फ आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि आने वाले दशक की नीतियों, कल्याण योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की बुनियाद है।
अनुराग रस्तोगी ने बताया कि इस बैठक का मकसद वरिष्ठ अधिकारियों और प्रिंसिपल सेंसस ऑफिसर्स को जनगणना की प्रक्रिया, कार्यप्रणाली और उनकी जिम्मेदारियों के प्रति संवेदनशील बनाना है। उन्होंने याद दिलाया कि 2011 की जनगणना के आंकड़ों से राज्य में कम बाल लिंगानुपात वाले जिलों की पहचान हुई थी, जिसके आधार पर ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे लक्षित कार्यक्रम चलाए जा सके।
इस मौके पर वित्त आयुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग डॉ. सुमिता मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही या त्रुटि की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों का सही प्रशिक्षण और संवेदनशीलता बेहद जरूरी है और जनगणना के लिए आवंटित धनराशि का सही और जिम्मेदारी से उपयोग किया जाए।
डॉ. मिश्रा ने जानकारी दी कि जनगणना का पहला चरण “हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस” 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। इसके साथ ही, पहली बार नागरिकों को सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प भी दिया जाएगा, जिसके लिए 16 अप्रैल 2026 से एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाएगा। नागरिक पहले से अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकेंगे और उन्हें SMS व ईमेल के जरिए एक यूनिक आईडी मिलेगी। जब गणनाकर्ता घर आएगा, तो वह सिर्फ पहले से भरी गई जानकारी का सत्यापन करेगा, जिससे समय बचेगा और डेटा की गुणवत्ता बेहतर होगी।
also read : India AI Impact Summit 2026: सुंदर पिचाई का बड़ा ऐलान, भारत में गूगल करेगा ₹1,36,650 करोड़ का निवेश, विशाखापत्तनम बनेगा AI हब
हरियाणा के जनगणना संचालन निदेशक ललित जैन ने बताया कि इस विशाल अभियान के तहत करीब 50,000 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स को कवर किया जाएगा, जो 203 ग्रामीण और शहरी चार्ज में बंटे होंगे। इसके लिए 50,000 से ज्यादा गणनाकर्ता और 8,000 से अधिक सुपरवाइजर तैनात किए जाएंगे। सरकार ने दोनों चरणों का काम सफलतापूर्वक पूरा करने पर ₹25,000 मानदेय देने का फैसला किया है।
उन्होंने यह भी बताया कि गणनाकर्ता एक विशेष मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करेंगे, जो एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा और ऑफलाइन मोड में भी काम करेगा। नेटवर्क मिलने पर डेटा अपने आप सिंक हो जाएगा। इसके अलावा, रीयल-टाइम मॉनिटरिंग डैशबोर्ड के जरिए हर स्तर पर प्रगति पर नजर रखी जाएगी।
हर जिले में चुनौतियों से निपटने के लिए डिस्ट्रिक्ट सेंसस कोऑर्डिनेशन कमेटी बनाई जाएगी और राजस्व, शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, पंचायती राज, आईटी और सूचना एवं जनसंपर्क जैसे विभागों के बीच समन्वय रखा जाएगा। साथ ही, जनता का भरोसा जीतने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। अधिकारियों ने साफ किया कि जनगणना के दौरान जुटाई गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी और किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं होगी।
इस तरह, हरियाणा में होने वाली डिजिटल जनगणना-2027 न केवल प्रशासनिक क्षमता की परीक्षा होगी, बल्कि यह राज्य को टेक्नोलॉजी आधारित गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम भी साबित होगी।

