हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल असीम कुमार घोष ने अंत्योदय, सुशासन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, लाडो लक्ष्मी योजना और विजन 2047 के जरिए ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का लक्ष्य दोहराया।
हरियाणा विधानसभा के 15वें सत्र के बजट सत्र की शुरुआत सर्वसम्मति, संविधान और जनसेवा के संकल्प के साथ हुई। पहले दिन सदन को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री असीम कुमार घोष ने कहा कि वर्तमान सरकार राजनीतिक शक्ति को जनसेवा का माध्यम मानती है और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है।
राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि यह बजट सत्र सार्थक संवाद और विचार-विमर्श के जरिए ऐतिहासिक फैसलों का साक्षी बनेगा। उन्होंने दोहराया कि सरकार गरीबों के जीवन स्तर में सुधार, किसानों और युवाओं के सशक्तिकरण तथा हर नागरिक को गरिमा, सुरक्षा और अवसर सुनिश्चित करने के लक्ष्य पर केंद्रित है।
अपने संबोधन में उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह गीत भारत की आत्मा है और हरियाणा की धरती हमेशा से राष्ट्रभक्ति की भावना से ओत-प्रोत रही है। उन्होंने कहा कि हमारे किसान, सैनिक और खिलाड़ी देश सेवा की इसी भावना से प्रेरित होकर कार्य करते हैं और गरीबों का जीवन बेहतर बनाना, किसानों की आय बढ़ाना, युवाओं को रोजगार देना और महिलाओं का सम्मान व सुरक्षा सुनिश्चित करना ही सच्ची राष्ट्रसेवा है।
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र— ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’— को सुशासन का आधार बताते हुए कहा कि जब भारत आज़ादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब तक उसे एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाना हम सबका साझा सपना है। इसी दिशा में ‘हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट-2047’ तैयार किया गया है, जिसे 24 दिसंबर 2025 को पंचकूला में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लॉन्च किया था। यह दस्तावेज़ वर्ष 2047 तक हरियाणा को एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक की अर्थव्यवस्था बनाने का रणनीतिक ब्लूप्रिंट है, जिसमें ‘विकसित हरियाणा’ के लिए छह मुख्य संकल्प तय किए गए हैं।
अंत्योदय दर्शन पर जोर देते हुए राज्यपाल ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन अब प्रो-एक्टिव मोड में दी जा रही है। परिवार पहचान पत्र के डेटा से पात्र लाभार्थियों की पहचान कर बिना आवेदन के पेंशन स्वतः शुरू की जाती है। हरियाणा देश के उन राज्यों में शामिल है जो सबसे अधिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन देते हैं—वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं, दिव्यांगों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को ₹3,200 प्रति माह मिल रहे हैं। दिव्यांगता की सभी 21 श्रेणियों को पेंशन योजना में शामिल किया गया है, जबकि थैलेसीमिया और हीमोफीलिया जैसी बीमारियों के लिए अतिरिक्त सहायता भी दी जा रही है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है, जिसके तहत 23 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र महिलाओं को ₹2,100 प्रतिमाह की सहायता मिल रही है। अब तक 9.22 लाख से अधिक लाभार्थियों के खातों में ₹634 करोड़ की राशि चार किस्तों में ट्रांसफर की जा चुकी है। इसके अलावा, ‘मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना’, ‘डॉ. अंबेडकर मेधावी छात्र योजना’ और ‘दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु)’ जैसी योजनाओं के जरिए समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक सुरक्षा दी जा रही है। ‘दयालु’ योजना के तहत अब तक करीब 49,983 परिवारों को ₹1,881 करोड़ की मदद मिल चुकी है।
also read : Google Pixel 10a भारत में लॉन्च: 48MP कैमरा, 120Hz डिस्प्ले और 7 साल के अपडेट, कीमत ₹49,999
आवास के क्षेत्र में भी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए राज्यपाल ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी और ग्रामीण) के तहत हरियाणा में 1.56 लाख से अधिक मकान बनाए जा चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना और मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत हजारों परिवारों को प्लॉट आवंटित किए गए हैं और निर्माण के लिए वित्तीय सहायता भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि ये पहलें साबित करती हैं कि अंत्योदय हरियाणा में सिर्फ नारा नहीं, बल्कि शासन की मजबूत नींव बन चुका है।
कुल मिलाकर, बजट सत्र की यह शुरुआत सुशासन, जनकल्याण और ‘विजन 2047’ के लक्ष्य के साथ हरियाणा को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के संकल्प को दोहराती है।

